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महाराष्ट्र: सरकार के बाद अब पार्टी पर दावा, एकनाथ शिंदे ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र

उद्धव ठाकरे गुट की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया था कि अगर कोई शिवसेना पर दावा करे तो उद्धव गुट की दलीलें भी सुनी जाएं. ठाकरे गुट की ओर से निर्वाचन आयोग को ये चिट्ठी बीते हफ्ते भेजी गई थी.

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एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शिंदे के साथ हुए शिवसेना के 12 सांसद
  • विधायकों की अयोग्यता पर आज SC में सुनवाई

महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार गिराने के बाद अब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर भी अपना दावा कर दिया है. शिंदे गुट की ओर से इसको लेकर निर्वाचन आयोग को एक चिट्ठी भेजी गई है. उद्धव ठाकरे गुट ने इसको लेकर पहले ही निर्वाचन आयोग को चिट्ठी भेज दी थी. 

उद्धव ठाकरे गुट की ओर से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया था कि अगर कोई शिवसेना पर दावा करे तो उद्धव गुट की दलीलें भी सुनी जाएं. ठाकरे गुट की ओर से निर्वाचन आयोग को ये चिट्ठी बीते हफ्ते भेजी गई थी. वहीं शिंदे गुट की ओर से चिट्ठी में जानकारी दी गई है कि उन्होंने शिवसेना की नई कार्यकारिणी गठित कर ली है और एकनाथ शिंदे को मुख्य नेता के साथ ही अन्य नेता भी चुन लिए गए हैं. उनकी नियुक्ति भी प्रभावी हो गई है. लिहाजा पुरानी कार्यसमिति का अब कोई महत्व नहीं है.

शिंदे के साथ हुए 12 सांसद

उधर शिवसेना में ठाकरे गुट की पकड़ लगातार कमजोर पड़ती जा रही है. महाराष्ट्र में विधायक दल में हुई बगावत सत्ता नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंच गई. संसद में भी शिवसेना के सांसद यानी 12 सांसद शिंदे गुट के साथ चले गए. लोकसभा स्पीकर ने उनको मान्यता देते हुए शिंदे गुट के ही सांसद को सदन में पार्टी सांसद दल का नया नेता भी नियुक्त कर दिया. इन तमाम उलटफेर के बीच शिंदे दिल्ली में ही डेरा जमाए बैठे हैं.

शिवसेना के बागी गुट ने विधानसभा के विशेष सत्र से पहले भरत गोगावले को चीफ व्हिप और एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया था, जिस पर चुने गए स्पीकर ने अपनी मुहर लगा दी थी. इसके बाद ठाकरे गुट के व्हिप सुनील प्रभु को अमान्य घोषित कर दिया था. 

आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 

वहीं आज उद्धव ठाकरे गुट के 14 विधायकों की अयोग्यता समेत महाराष्ट्र संकट से संबंधित सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. उद्धव गुट के विधायकों की ओर से स्पीकर की अयोग्यता की नोटिस के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था. 

उद्धव गुट के विधायकों के वकील देवदत्त कामत ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस एनवी रमणा से इस याचिका पर इसी विषय से संबंधित अन्य याचिकाओं के साथ ही सुनवाई करने का आग्रह किया था. CJI ने कामत के आग्रह पर कहा कि 20 जुलाई को इससे जुड़े मुद्दों के साथ सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध करेंगे. 

गौरतलब है कि उद्धव गुट के 14 विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर की ओर से जारी अयोग्यता की नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. उद्धव गुट के विधायकों की ओर से दायर याचिका में ये कहा गया है कि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही एक दागी विधायक की ओर से शुरू की गई है. ऐसे विधायक की ओर से अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई है जो खुद अयोग्यता की कार्यवाही का सामना कर चुका है.
 

 

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