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महाराष्ट्र: बिजली संकट पर बीजेपी MLA बोले, कंपनियों से कोयला खरीद में कमीशन चाहती है उद्धव सरकार 

महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने गत दिन पहले कहा था कोयले की कमी को कम करने के लिए माइक्रो लेवल की योजना पर काम हो रहा है, जिससे बिजली की कमी 15 प्रतिशत तक आकर रुक गई है. हालांकि डिप्टी सीएम अजित पवार ने लोड शेडिंग की बात स्वीकार की है.

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महाराष्ट्र में कोयला संकट की वजह से जारी है बिजली कटौती (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र में कोयला संकट की वजह से जारी है बिजली कटौती (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र में गहराता जा रहा बिजली कटौती का मामला
  • बीजेपी विधायक आशीष ने सरकार पर मढ़े आरोप

बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने महाराष्ट्र सरकार को बिजली कटौती के लिए जिम्मेदार ठहराया है. आशीष के मुताबिक ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने लोड शेडिंग को अधिकृत बताया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिजली की कमी बताकर निजी कंपनियों से सस्ते दाम से बिजली और कोयला खरीदने के दौरान कमीशन ऐंठने के चक्कर में है.

वहीं महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने माना कि राज्य को बिजली के लोड शेडिंग से गुजरना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि लोडशेडिंग से रास्ता ढूंढ़ने के लिए हर हफ्ते ऊर्जा मंत्री के साथ मीटिंग की जा रही है. 

तीन हफ्ते से हो रही है बिजली कटौती

बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि महा विकास अघाड़ी ने लोडशेडिंग करके जनता को भीषण गर्मी में झुलसने के लिए छोड़ दिया है. किसान, कर्मचारी, विद्यार्थी, औरतों, बच्चों को बिजली की कटौती के कारण तकलीफ सहनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना कुछ बताए बिजली कटौती शुरू कर दी. तीन हफ्ते से बिजली कटौती शुरू है. 

छत्तीसगढ़ की खदान खरीदने पर विचार

राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ से कोयला बड़ी मात्रा में उपलब्ध कराने को कोयले की एक खान खरीदने के लिए ऊर्जा मंत्री की बातचीत हो रही है. साथ ही देश के दूसरे राज्य से कोयला खरीदने की कोशिश की जा रही है. 

विदेश से कोयला आयात करेगा महाराष्ट्र

अजित पवार ने कहा कि देश के कई और राज्यों को बिजली उत्पादन के लिए जरूरत के हिसाब से कोयला नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने मीडिया को बताया कि अब महाराष्ट्र विदेश से कोयला आयात करेगा. लोडशेडिंग को नियंत्रित करने के किए जल्द से जल्द कदम उठाए जा रहे हैं. 

भुगतान में देरी के कारण बंद हुई सप्लाई

महाराष्ट्र को मौजूदा समय में रोजाना 24,500 से 26,500 मेगावॉट बिजली की जरूरत होती है. राज्य के पास बिजली उत्पादन के 14 थर्मल प्लांट हैं, जिसकी कुल क्षमता 10212 मेगावॉट है लेकिन कोयले की कमी की वजह से केवल 6234 मेगावॉट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है. निजी कंपनियों से बिजली आपूर्ति के लिए करार किए गए थे लेकिन कई बिजली उत्पादकों को भुगतान में हो रहे देरी की वजह से निजी कंपनियों ने महाराष्ट्र को बिजली सप्लाई करना बंद कर दिया है. यही बिजली कटौती का मुख्य कारण माना जा रहा है. 
 

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