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'BJP ने नहीं किया था शिवसेना को CM पद देने का वादा', उद्धव के आरोप को एकनाथ शिंदे ने बताया झूठ

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान के बाद टूट गया था. उद्धव ठाकरे बीजेपी पर मुख्यमंत्री पद देने का वादा कर उससे मुकरने का आरोप लगाते रहे हैं. अब शिवसेना से बगावत कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले एकनाथ शिंदे ने उद्धव के आरोप को झूठ बताया है.

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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा था. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अपनी ही पार्टी के विधायकों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उद्धव के इस्तीफे, अपने नेतृत्व में बीजेपी के समर्थन से नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एकनाथ शिंदे ने अब कई बातों के जवाब दिए हैं.

एकनाथ शिंदे ने बीजेपी पर अपने वादे से मुकरने को लेकर उद्धव ठाकरे की ओर से लगातार लगाए जाते रहे आरोप को झूठ करार दिया है. एकनाथ शिंदे ने कहा है कि हमने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बात की थी कि क्या उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे से ये वादा किया था कि शिवसेना को मुख्यमंत्री पद दिया जाएगा?

उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस तरह के वादे की बात को झूठ करार दिया. सीएम शिंदे के मुताबिक पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने मुझसे कहा कि शिवसेना विधायकों की संख्या कम होने के बावजूद महाराष्ट्र में हम आपको और बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बना सकते हैं तो वादा कर उद्धव ठाकरे को सीएम क्यों नहीं बनाते. 

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने इस तरह का कोई वादा किए होने से इनकार कर दिया. बीजेपी के दोनों नेताओं ने साफ कहा कि हमने अगर ये वादा किया होता तो शिवसेना को मुख्यमंत्री पद क्यों नहीं देते? इससे पहले एकनाथ शिंदे ने ये भी कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बनाए जाने से असहज थे लेकिन फिर हमने बात की और सबकुछ सामान्य रहा.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र का पिछला विधानसभा चुनाव शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन कर लड़ा था. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे शिवसेना के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़ गए थे. उद्धव ठाकरे ने दावा किया था कि बीजेपी ने चुनाव के बाद शिवसेना को मुख्यमंत्री की कुर्सी देने का वादा किया था.

बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को ही मुख्यमंत्री बनाए रखने पर अड़ गई थी. बीजेपी और शिवसेना की खींचतान में सरकार गठन का इंतजार लंबा चला और अंत में देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के समर्थन से रातोरात सरकार बना ली. देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजीत पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी.

देवेंद्र फडणवीस को बाद में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महा विकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार का गठन हुआ. तब से अब तक, उद्धव ठाकरे ये कहते हुए बीजेपी पर हमलावर रहे हैं कि उन्होंने चुनाव बाद शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था लेकिन बाद में वे अपने वादे से मुकर गए. (रिपोर्ट-विक्रांत चौहान)
 

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