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पात्रा चॉल घोटाला: संजय राउत को राहत नहीं, अदालत ने 22 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा

शिवसेना सांसद संजय राउत को अदालत ने 22 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत आधी 31 अगस्त की रात यानी 12 बजे संजय की गिरफ्तारी दिखाई थी. शिवसेना सांसद पर पात्रा चॉल घोटाले में जांच एजेंसी का शिकंजा कसता जा रहा है. इससे पहले राउत को कस्टडी में लेकर ईडी उनसे पूछताछ कर चुकी है.

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संजय राउत (File Photo)
संजय राउत (File Photo)

पात्रा चॉल घोटाले में ईडी के निशाने पर चल रहे शिवसेना सांसद संजय राउत को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. अदालत ने राउत को 22 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

आज संजय राउत की हिरासत का समय खत्म हो गया था, जिसके बाद उन्हें ईडी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें 22 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इससे पहले उन्हें 4 अगस्त को विशेष अदालत में पेश किया गया था. तब ईडी को राउत की कस्टडी 8 अगस्त तक के लिए मिली थी.

राउत को 1 अगस्त को भी ईडी के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था. ईडी ने उनकी 8 दिनों की कस्टडी की मांगी थी. लेकिन कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक हिरासत में भेजा था.

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत आधी 31 अगस्त की रात यानी 12 बजे संजय की गिरफ्तारी दिखाई थी. रात साढ़े 12 बजे संजय के भाई सुनील राउत ईडी दफ्तर पहुंचे थे. बाद में सुनील अपने साथ एक बैग लेकर वापस अंदर गए थे.

संजय राउत की गिरफ्तारी के बारे में भाई सुनील राउत ने कहा था कि ईडी संजय राउत से डरती है, इसलिए गिरफ्तार कर लिया है. सुनील ने कहा था कि फर्जी दस्तावेज के सहारे संजय राउत को पात्रा चॉल से जोड़ने की कोशिश हो रही है. यह गिरफ्तारी सिर्फ उनकी आवाज को दबाने के लिए की गई है.

यह है पात्रा चॉल घोटाला मामला

- ईडी के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम मिला था. यह काम MHADA ने उसे सौंपा था. इसके तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों पुनर्विकसित होने थे.

- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी. बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए.

- जांच में सामने आया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी.

- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है. जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे.

- 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा. ED की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे.

- ED के मुताबिक, प्रवीण राउत ने राकेश वधावन और सारंग वधावन के साथ मिलकर हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है.

- ED ने प्रवीण राउत और उसके करीबी सुजीत पाटकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. प्रवीण राउत और संजय राउत कथित तौर पर दोस्त हैं. वहीं, सुजीत पाटकर को भी संजय राउत का करीबी माना जाता है. सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटी के साथ एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी में पार्टनर भी है.

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