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'रेप पीड़िता नाबालिग लेकिन जानती थी कि उसके साथ क्या हो सकता है', बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपी को दी जमानत

मुंबई में पीड़ित बच्ची की मां ने 29 अप्रैल 2021 को आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था. लड़की की मां का कहना है कि छह अप्रैल 2021 को आरोपी ने उसकी बेटी का रेप किया. रेप के समय नाबालिग लड़की आरोपी के साथ उसकी एक रिश्तेदार के फ्लैट में थी. 

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बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 15 साल की नाबालिग लड़की के रेप के आरोपी को जमानत दे दी है. अदालत ने जमानत देते हुए कहा है कि लड़की बेशक नाबालिग थी लेकिन वह जानती थी कि उसके साथ क्या हो सकता है. यह मामला पिछले साल का है. नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर 21 साल के युवक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था.

पीड़ित बच्ची की मां ने 29 अप्रैल 2021 को आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था. लड़की की मां का कहना है कि छह अप्रैल 2021 को आरोपी ने उसकी बेटी का रेप किया. रेप के समय नाबालिग लड़की आरोपी के साथ उसकी एक रिश्तेदार के फ्लैट में थी. 

लड़की झूठ बोलकर आरोपी के साथ गई थी

पीड़िता ने अपने कहा है कि उसने अपने परिवार को बताया था कि वह अपनी एक दोस्त के घर ऑनलाइन क्लास लेने जा रही है जबकि वह आरोपी के साथ उसकी रिश्तेदार के घर चली गई थी. 

पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी की रिश्तेदार महिला घर पर नहीं थी और आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए उसका रेप किया. 

हाईकोर्ट का आदेश

जस्टिस भारती डांगरे की पीठ ने कहा कि पीड़िता स्वेच्छा से आरोपी के साथ घर गई थी. पीड़िता बेशक नाबालिग है लेकिन उसमें समझ थी कि उसे अपने इस कदम का क्या खामियाजा उठाना पड़ सकता है. वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ उसकी रिश्तेदार के घर गई थी. 

पीठ ने कहा कि हालांकि, पीड़िता नाबालिग है और इसलिए उसकी सहमति महत्वहीन हो जाती है. लड़की ने स्वीकार किया है कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी और उसका कहना है कि वह आरोपी से प्यार करती थी.

जस्टिस डांगरे ने कहा कि लड़की ने इसका विरोध किया था या फिर आरोपी ने बिना उसकी मर्जी के जबरन उससे शारीरिक संबंध बनाए. इस पर सुनवाई के दौरान जिरह होगी.

पीठ ने कहा कि आरोपी एक युवा लड़का भी है और इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि वह लड़की से बेइंतहा आकर्षित था. मौजूदा समय में उसे जेल में नहीं रखा जा सकता क्योंकि उसे अप्रैल 2021 में गिरफ्तार कर लिया गया था और मामले की सुनवाई के दौरान वह काफी समय जेल में रहा है. 

अदालत ने आरोपी को जमानत देते हुए उसे निर्देश दिया कि वह पीड़िता से किसी तरह का संपर्क नहीं रखे.  

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