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एयरपोर्ट पर 4 दिन से अटका था रेमडेसिवीर का कच्चा माल, BMC कमिश्नर के दखल के बाद मंजूरी

भारत और चीन के बीच जारी तनाव के कारण रेमडेसिवीर की उपलब्धता में दिक्कत आ रही है. इस दवा के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल चीन से आता है जो क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर अटका हुआ था.

4 दिन से एयरपोर्ट पर अटका था दवा बनाने का कच्चा माल (फाइल फोटो) 4 दिन से एयरपोर्ट पर अटका था दवा बनाने का कच्चा माल (फाइल फोटो)

  • पिछले 4 चार से दिन मुंबई एयरपोर्ट पर अटका था कच्चा माल
  • BMC कमिश्नर के दखल के बाद मिला क्लीयरेंस

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने कहा है कि इस हफ्ते के अंत तक कोरोना के मरीजों के लिए रेमडेसिवीर दवा उपलब्ध हो जाएगी. बीएमसी कमिश्नर का ये बयान अस्पतालों के लिए एक राहत के रूप में है जो इस दवा की उपलब्धता की कमी के कारण दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.

भारत और चीन के बीच जारी तनाव के कारण रेमडेसिवीर की उपलब्धता में दिक्कत आ रही है. इस दवा के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल चीन से आता है जो क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर अटका हुआ था. हालांकि, कमिश्नर इकबाल सिंह चहल के दखल के बाद इसे मंजूरी मिली.

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इकबाल सिंह चहल ने इसे लेकर प्रधानमंत्री के कार्यालय तक को पत्र लिखा था. रेमडेसिवीर का कच्चा माल कस्टम से मंजूरी मिलने के इंतजार में करीब चार दिन से मुंबई एयरपोर्ट पर अटका हुआ था.

मुंबई स्थित सिप्ला लिमिटेड को भारत में रेमडेसिवीर की आपूर्ति करने के लिए 21 जून को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से मंजूरी मिली थी. LAC पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव का असर इस दवा की उपलब्धता पर भी पड़ा है.

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बता दें कि रेमडेसिवीर एक आवश्यक दवा है जिससे कोरोना के उन मरीजों को दिया जाता है जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. चीन ऐसी थोक दवाओं का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है. भारत की लगभग 68% जरूरत चीन के आयात से ही पूरी होती है.

रेमडेसिवीर के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल चीन से आता है. इकबाल सिंह चहल ने कहा कि कच्चा माल पिछले 4 दिन से मुंबई एयरपोर्ट पर अटका हुा था. उसे बुधवार शाम को ही छोड़ा गया. सूत्रों के अनुसार चहल ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर मांग की थी कि इस दवा के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चा माल को मैनुअल जांच से छूट दी जाए.

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बता दें कि LAC पर जारी तनाव के कारण 22 जून से चीन से आने वाले किसी भी सामान को मैन्युअल जांच के बाद ही छोड़ा जा रहा है.

बीएमसी कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में मुख्य सचिव ने काफी मदद की, क्योंकि हमने ह्यूमन एंगल से दवा के आयात को देखा, क्योंकि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक दवा है. सिप्ला के सीईओ ने हमें आश्वासन दिया है कि अब से चार दिनों के भीतर वे 31,000 शीशियों के बराबर 3,000 रोगियों के लिए रेमडेसिवीर दे सकेंगे. तो कम से कम जुलाई तक मुंबई में रेमडेसिवीर की कमी नहीं होगी. यह गरीब मरीजों को मुफ्त में प्रदान किया जाएगा.

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