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महाराष्ट्रः इस्तीफे के बाद BJP ने किया उद्धव ठाकरे पर हमला, संजय राउत बोले- ये अग्निपरीक्षा की घड़ी

उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद बीजेपी ने ठाकरे पर जमकर निशाना साधा. वहीं कांग्रेस ने कहा कि हम सभी को साथ लेकर चले. उधर शिवसेना सांसद संजय राउत बोले कि ये दिन भी निकल जाएंगे. ये अग्नि परीक्षा की घड़ी है.

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उद्धव ठाकरे, अमित मालवीय और संजय राउत (फाइल फोटो) उद्धव ठाकरे, अमित मालवीय और संजय राउत (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आई
  • उद्धव ने देर रात राज्यपाल को सौंप दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र में सियासी संकट का पटाक्षेप हो गया है. बीते कई दिनों से चली आ रही खींचतान बुधवार को उस वक्त खत्म हो गई जब उद्धव ठाकरे ने जब इस्तीफे का ऐलान कर दिया. इसके साथ ही शिवसेना के सांसद संजय राउत समेत तमाम पार्टियों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. जहां संजय राउत ने कहा कि एक संवेदनशील, सभ्य मुख्यमंत्री खो दिया. वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने  बालासाहेब की विरासत को भी धूमिल किया है.

ये दिन भी निकल जाएंगे

उद्धव ठाकरे की ओर से फेसबुक लाइव पर इस्तीफे की घोषणा के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि न्याय के देवता का सम्मान होगा. ये अग्नि परीक्षा की घड़ी है, लेकिन ये दिन भी निकल जाएंगे. जय महाराष्ट्र. इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अत्यंत शालीनता से पद त्याग किया. हमने एक संवेदनशील और सभ्य मुख्यमंत्री खो दिया है. इतिहास गवाह है कि धोखाधड़ी का अंत अच्छा नहीं होता. ठाकरे जीते. यह शिवसेना की शानदार जीत की शुरुआत है. लाठियां खाएंगे, जेल जाएंगे पर बालासाहेब की शिवसेना को दहकती रखेंगे.

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अमित मालवीय बोले- बालासाहेब की विरासत धूमिल की

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने न केवल अपना सीएम पद खो दिया है, बल्कि NCP और कांग्रेस के साथ एक गैर-सैद्धांतिक गठबंधन में शामिल होकर बालासाहेब की विरासत को भी धूमिल किया है. लेकिन MVA का पतन शरद पवार के लिए एक बड़ा नुकसान है, क्योंकि उन्होंने खुद को इस गठबंधन के वास्तुकार के रूप में देखा था. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे एक ऐसे व्यक्ति थे, जो सत्ता में न होते हुए भी सरकारों को नियंत्रित कर सकते थे. वहीं उनके बेटे सत्ता में रहते हुए भी अपनी पार्टी को नियंत्रित नहीं कर पाए. 

बीजेपी नेता सीटी रवि ने कसा तंज

बीजेपी नेता सीटी रवि ने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के फैसले का स्वागत करता हूं. वह जानते थे कि जिस दिन शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे ने उनके खिलाफ विद्रोह किया, उसी दिन ठाकरे ने बहुमत खो दिया था. उनके कार्यकाल मे साबित हो गया कि अवसरवादी गठबंधन टिकते नहीं हैं.

शाहनवाज हुसैन ने भी दी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में जनता के फैसले का अपमान किया था. इसलिए ये तो होना ही था. खुशी है कि जनता के फैसले के अपमान का सबक मिला है.

चंद्रकांत पाटिल की शिवसेना के बागी विधायकों से अपील

महाराष्ट्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि शिवसेना के बागी विधायक जो कि गुरुवार को मुंबई पहुंचने वाले हैं, उनसे आग्रह है कि वह कल न आएं, बल्कि सीधे शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ही मुंबई पहुंचें.

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शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कही ये बात

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ठाकरे के इस्तीफ के बाद कहा कि आपके नेतृत्व के लिए धन्यवाद. आपने एक नए गठबंधन का नेतृत्व करने का कठिन काम संभाला. राज्य को महामारी से उबरने में मदद की. यह सुनिश्चित किया कि सांप्रदायिक नफरत की आग हमारे राज्य में न जले. राज्य और उसके लोगों के हितों को बिना किसी पूर्वाग्रह के सबसे ऊपर रखा.

अशोक चव्हाण बोले- सबको साथ लेकर चले

कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि महाविकास अघाड़ी के माध्यम से हमने महाराष्ट्र को एक ऐसी सरकार दी जो सबको साथ लेकर चली. इस सरकार को सभी क्षेत्रों के नागरिकों का मजबूत समर्थन प्राप्त था. इस सरकार के असामयिक पतन से पूरा महाराष्ट्र दुखी है. उन्होंने कहा कि ढाई साल में हमने कोरोना जैसे भयानक संकट के बावजूद जो कर सकते थे, उसे करने के लिए ईमानदारी से प्रयास किया. नए शासकों के लिए मेरी शुभकामनाएं हैं और एक उम्मीद है कि हमारे द्वारा शुरू किए गए जनहित के कार्यों में कोई राजनीति नहीं होगी.

सीताराम येचुरी ने जताया आक्रोश

वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि भारत के लोकतंत्र पर बड़ा काला धब्बा बढ़ता जा रहा है. गोवा, एमपी , कर्नाटक और अब महाराष्ट्र. सरकारों पर कब्जा करने के लिए राष्ट्रीय संपत्ति की लूट के माध्यम से संचित राज्य मशीनरी, केंद्रीय एजेंसियों और भारी धन शक्ति का घोर और निर्लज्ज दुरुपयोग.

 

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