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नूपुर के समर्थन में पोस्ट किया और फिर धमकी मिली तो आगे आकर शिकायत दर्ज करवाएं- अमरावती पुलिस

उमेश हत्याकांड के बाद अमरावती पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर जरूरी संदेश दिया है. जिन भी लोगों को नूपुर के समर्थन वाली पोस्ट के बाद धमकियां मिली हैं, उन्हें शिकायत दर्ज करने के लिए कहा गया है.

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नूपुर शर्मा नूपुर शर्मा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उमेश ने किया था नूपुर का समर्थन, हत्या की गई
  • पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, मदद की गारंटी

बीजेपी से निलंबित नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने की वजह से अमरावती में उमेश कोल्हे की कुछ लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी. अब उस वारदात से सबक लेते हुए अमरावती पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी किया है. जोर देकर कहा गया है कि जिन भी लोगों ने नूपुर के बयान का समर्थन किया था और अब उन्हें धमकी मिल रही है, तो उन सभी को आगे आकर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए.

प्रेस नोट में लिखा गया है कि नूपुर शर्मा के समर्थन में जिन लोगों ने भी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर पोस्ट किए या स्टेटस लगाया और अगर उन्हें धमकी मिली है तो वह आगे आए और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं ताकि धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. पुलिस ने कुछ लैंडलाइन और मोबाइल नंबर भी जारी किए जिस पर लोग फोन कर कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

अब यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि उमेश की तरफ से भी नूपुर के समर्थन में एक पोस्ट किया गया था. उस पोस्ट के बाद ही उन्हें जान से मार दिया गया. उस वारदात के बाद कुछ और ऐसे मामले सामने आए जहां पर लोगों ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है. अब इस ट्रेंड को समझते हुए अमरावती पुलिस ने ऐसे सभी लोगों को सुरक्षा देने की तैयारी की है. लेकिन ये सुरक्षा तभी दी जा सकेगी जब ये लोग आगे से आकर FIR दर्ज करवाएंगे. इसी वजह से पुलिस को ये प्रेस नोट जारी करना पड़ा है.

वैसे पुलिस इस समय एक्शन में जरूर दिख रही है, लेकिन सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा लगातार पुलिस कमिश्नर आरती सिंह की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं. विधायक रवि राणा के मुताबिक पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने सत्तधारी पक्ष और जिले के पालक मंत्री के दबाव के कारण उमेश कोल्हे हत्या मामले को रफा दफा करने की कोशिश की है.

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि अगर पुलिस आयुक्त का मोबाइल जप्त करके जांच के लिए भेजा तो 20 जुन के बाद किस-किस से बात हुई, सब सच सामने आ जाएगा. उनकी माने तो इस वजह से महविकास आघाडी के किन मंत्रियो ने पुलिस आयुक्त को फोन किए, ये भी सामने आ जाएगा. लेकिन अमरावती पुलिस इन दावों को गलत बता रही है. उनकी तरफ से स्पष्ट कहा गया है कि शुरुआत से ही मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच की गई है.

वहीं पुलिस कमिश्नर आरती सिंह ने एक बयान में बताया है कि उमेश हत्याकांड में इरफान ने गुनाह होने के बाद आरोपियों को दस दस हजार रुपये और गाड़ी मुहैया कराई थी. ये भी जानकारी दी गई है कि उमेश को यूसफ ने कर्ज दे रखा था. डेढ़ लाख का बकाया बाकी रह गया था जो अभी तक नहीं दिया गया.

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