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सिंचाई घोटाला: अजित पवार की हाई कोर्ट से अपील- CBI या ईडी जांच की जरूरत नहीं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को दायर हलफनामे में कहा है कि अभी चल रही जांच सीबीआई या ईडी को हैंडओवर करने की आवश्यकता नहीं है. इससे पहले दिसंबर 2019 में महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल ने भी हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया था. इस हलफनामे में कहा गया था कि एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में अजित पवार की भागीदारी नहीं पाई गई है.

महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार (फोटो-PTI) महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार (फोटो-PTI)

  • सिंचाई घोटाले में अजित पवार का हलफनामा
  • कोर्ट से मांग- CBI या ईडी जांच की जरूरत नहीं
  • अजित ने आरोपों को निजी हितों से जुड़ा बताया

महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने करोड़ों रुपये के कथित सिंचाई घोटाले के संबंध में कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है और कहा है कि इस मामले में सीबीआई या प्रवर्तन निदेशालय की जांच की जरूरत नहीं है. अजित पवार ने यह हलफनामा बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में दिया है. सिंचाई घोटाले के इस मामले में अजित पवार भी जांच के घेरे में है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को दायर हलफनामे में कहा है कि अभी चल रही जांच सीबीआई या ईडी को हैंडओवर करने की आवश्यकता नहीं है. इससे पहले दिसंबर 2019 में महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल ने भी हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया था. इस हलफनामे में कहा गया था कि एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में अजित पवार की भागीदारी नहीं पाई गई है.

यह कथित घोटाला विदर्भ सिंचाई विकास निगम (VIDC) के 12 प्रोजेक्ट से जुड़ा है. आरोप है कि तत्कालीन VIDC चेयरमैन अजित पवार और निगम अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट्स टेंडर जारी किए, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा.

इसी आरोप के साथ जनमंच के अतुल जगताप ने चार याचिकाएं दायर की थीं और हाई कोर्ट से ये मांग की थी कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए. इसी हफ्ते मामले की सुनवाई होनी है, जिससे पहले मंगलवार को अजित पवार ने एफिडेविट दायर किया.

अजित पवार ने क्या कहा

अजित पवार ने बताया कि जगताप खुद एक ठेकेदार हैं और वो खुद अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे हैं, ऐसे में हाई कोर्ट को उनकी अपील पर गौर नहीं करना चाहिए. अजित पवार ने जगताप पर निजी हितों का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी याचिकाएं जनहित में नहीं हैं.

जगताप की याचिकाओं पर सवाल उठाते हुए उप-मुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया. अजित पवार ने कहा, 'मैं इन सभी आरोपों को खारिज करता हूं. मेरा भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है. मंत्री और VIDC चेयरमैन रहते हुए मैंने नियमों का पालन किया और बिना किसी भय के और गलत मंशा के अपने कर्तव्यों को निर्वहन किया.'

अपना बचाव करते हुए और याचिकाकर्ता जगताप पर निजी कारणों के चलते इस मामले को उठाने का दावा करते हुए अजित पवार ने कोर्ट से कहा है कि सिंचाई मामले की जांच सीबीआई या ईडी को देने की जरूरत नहीं है. बता दें कि मामले की सुनवाई इसी हफ्ते होने की संभावना है.

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