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शिवपुरी में आदिवासियों ने खुद ही तोड़ दिए शौचालय, ये है वजह

गांव के हरीलाल आदिवासी ने बताया कि गांव के अधिकतर शौचालयों की स्थिति खराब है. शौचालय को दोबारा बनवाने की मांग की तो जबाव में उनसे कहा गया कि एक बार बन गए, अब दोबारा नहीं बनेंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

  • घटिया शौचालय की दीवार ढहने से हुई थी दो बच्चों की मौत
  • आदिवासियी बोले, 'अधिकतर शौचालयों का निर्माण घटिया'

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के राठखेड़ा गांव में घटिया शौचालय की दीवार ढह जाने से मलबे में दबकर दो बच्चों की हुई मौत के बाद आदिवासियों में रोष व्याप्त है. गुरुवार को गांव में बने कई घटिया शौचालयों को आदिवासियों ने खुद ही ढहा दिया. पिछले दिनों राठखेड़ा गांव में बच्चे खेल रहे थे, तभी उन पर शौचालय की एक दीवार का मलबा आ गिरा, जिससे दोनों बच्चों की मौत हो गई.

आदिवासियों ने उठाए खराब शौचालय पर सवाल

आदिवासी परिवार लगातार शौचालय के घटिया निर्माण पर सवाल उठा रहे हैं और कई आदिवासियों ने तो अपने घर में बने शौचालय को ही तोड़ दिया है. गांव के भीम आदिवासी ने बताया, 'गांव में आदिवासी परिवारों के लिए बनाए गए अधिकतर शौचालयों का निर्माण घटिया है और गांव वाले इनका उपयोग ही नहीं करते है. पिछले दिनों दीवार ढहने से दो बच्चों की मौत हो गई.'

एक बार बन गए, अब दोबारा नहीं बनेंगे शौचालय

गांव के हरीलाल आदिवासी ने बताया कि गांव के अधिकतर शौचालयों की स्थिति खराब है. शौचालय को दोबारा बनवाने की मांग की तो जबाव में उनसे कहा गया कि एक बार बन गए, अब दोबारा नहीं बनेंगे.

जिला पंचायत के सीईओ एचपी वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि राठखेड़ा गांव में शौचालय निर्माण में घटिया काम कराए जाने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है. जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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