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एमपी: 75 साल की दिव्यांग महिला को पेंशन के लिये करना पड़ा 300 किमी का सफर

उज्जैन निवासी निबियाबाई कुछ दिन पहले अपने पैतृक घर अशोक नगर पहुंची, जहां उनका पता और आधार अपडेट है. उनकी पेंशन राशि भी यहीं आती है. 75 साल की इस बुजुर्ग ने अपनी ट्राइसाइकिल से यात्रा शुरू की और अशोक नगर पहुंची.

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75 साल की वृद्धा 300 किलोमीटर ट्राइसाइकिल चलाकर लेने पहुंची पेंशन
75 साल की वृद्धा 300 किलोमीटर ट्राइसाइकिल चलाकर लेने पहुंची पेंशन

  • उज्जैन में किराए के मकान में रहती है 75 साल की दिव्यांग वृद्धा
  • पेंशन सहायता राशि लेने के लिए 300 किमी चलाई ट्राइसाइकिल

कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है. लोग अपने घरों में कैद हैं और जरूरी सामनों के लिए ही बाहर निकल रहे हैं. वहीं, इसका एक दूसरा रूप भी सामने आ रहा है. मोदी सरकार द्वारा डाली गई पेंशन सहायता राशि को लेने के लिए जरूरतमंद तरह-तरह के जतन कर रहे हैं. ऐसी ही एक तस्वीर 75 साल की दिव्यांग वृद्धा की सामने आई है. वृद्धा पेंशन सहायता राशि लेने के लिए ये महिला उज्जैन से 300 किमी का सफर अपनी ट्राइसाइकिल से तय कर पहुंची.

दरअसल, उज्जैन निवासी निबियाबाई कुछ दिन पहले अपने पैतृक घर अशोक नगर पहुंची, जहां उनका पता और आधार अपडेट है. उनकी पेंशन राशि भी यहीं आती है. 75 साल की इस बुजुर्ग ने अपनी ट्राइसाइकिल से यात्रा शुरू की और अशोक नगर पहुंची.

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लौटने पर राजगढ़ बाइपास पर देहात थाने के पुलिसकर्मी संजय सिंह उन्हें मिले. उन्होंने महिला को खाना खिलाया, बाइपास पर ही पानी और बिस्किट का प्रबंध किया. इसके बाद उनकी ट्राइसाइकिल को बाइपास से पार करवाया. पुलिसकर्मी ने उनकी हर संभव मदद की. उन्होंने बताया कि अपनी पेंशन की राशि को लेने ही वह निकली थीं.

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उज्जैन में किराए के मकान में रहती है वृद्धा

निबियाबाई ने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है. उज्जैन में रिश्तेदार रहते हैं, लेकिन वे अपने पति के साथ उज्जैन में ही किराये के एक मकान में रहती हैं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने जो मदद मुहैया करवाई है उसे ही लेने वो निकल पड़ी थीं. उनकी इस हिम्मत की पुलिसकर्मियों ने भी दाद दी. उन्हें हर शहर, कस्बे, नगर में तमाम प्रकार की मदद भी मिली. किसी ने खाना तो किसी ने पानी, चाय, नाश्ते इत्यादि की मदद मुहैया कराई.

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