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हिंदुत्व कार्ड से बीजेपी को कांग्रेस की टक्कर, कमलनाथ ने घर में सजाया राम दरबार

कमलनाथ इस साल ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर बीजेपी की ओर से दिए झटके को भूले नहीं हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस सरकार गिर गई और मुख्यमंत्री की कुर्सी उनसे छिटक गई. मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों के उपचुनाव फिलहाल बेशक कोरोना महामारी की वजह से टल गए हों.

हिंदुत्व कार्ड से कांग्रेस की टक्कर हिंदुत्व कार्ड से कांग्रेस की टक्कर

  • बीजेपी तो अबतक खुद को हिंदुत्ववादी पार्टी बताती रही है
  • अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस भी जमकर हिन्दू कार्ड खेल रही है

जहां एक तरफ देश भर में राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर उत्सव का माहौल है तो वहीं मध्यप्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जंग इस बात पर छिड़ी है कि राम किसके हैं? बीजेपी तो अबतक खुद को हिंदुत्ववादी पार्टी बताती रही है लेकिन अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस भी जमकर हिंदू कार्ड खेल रही है. इसकी एक तस्वीर भोपाल में देखने को मिली जब अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने घर पर राम दरबार सजा लिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया. कांग्रेस ने पूरे मध्यप्रदेश में मंगलवार को हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन रखा.

कमलनाथ इस साल ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर बीजेपी की ओर से दिए झटके को भूले नहीं हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस सरकार गिर गई और मुख्यमंत्री की कुर्सी उनसे छिटक गई. मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों के उपचुनाव फिलहाल कोरोना महामारी की वजह से टल गए हों, लेकिन निकट भविष्य में जब भी होंगे, कमलनाथ अच्छी तरह जानते हैं कि घर पर राम दरबार सजाना और खुद को हनुमान भक्ति में सराबोर दिखाना कितना जरूरी है. और कमलनाथ ऐसा क्यों न कहें. अब तो उनकी पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी कह रही हैं- ‘राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं.’

'सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है. राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं. भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने. मेरा वक्तव्य'

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मंगलवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ हनुमान भक्ति के रंग में रंगे दिखे. उन्होंने भोपाल स्थित अपने आवास पर हनुमान चालीसा का पाठ रखवाया था. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और हनुमान चालीसा का पाठ किया. आमतौर पर सख्त मिज़ाज वाले कमलनाथ की ऐसी तस्वीरें कम ही देखने को मिलती हैं जब वो इस तरह भक्ति में डूबे हुए सार्वजनिक तौर पर दिखें. लेकिन कमलनाथ समेत मध्यप्रदेश कांग्रेस के ज्यादातर नेता इन दिनों खुद को राम भक्त या हनुमान भक्त दिखाने में पीछे नहीं हैं.

दरअसल, इसके पीछे की वजह है राम मंदिर आंदोलन के मुद्दे पर बीजेपी का शुरू से आक्रामक रहना. कभी लोकसभा में दो सीटें रखने वाली बीजेपी राम मंदिर आंदोलन की सीढ़ियां चढ़कर ही संसद में सबसे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी बन गई.

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जाहिर है, राम मंदिर निर्माण शुरू होने का बीजेपी विधानसभा उपचुनावों में पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी. यही वजह है कि कांग्रेस सीधे-सीधे बीजेपी को इस मुद्दे पर वॉकओवर देने के मूड में नहीं है. कमलनाथ के बयान और उनकी सरकार के इस समय किये गए फैसले इसकी पुष्टि करते हैं कि कैसे मध्यप्रदेश में अब कांग्रेस ने भी हिंदुत्व कार्ड खेलना शुरू कर दिया है.

कांग्रेस के हिंदुत्व कार्ड की झलक

- 2018 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राहुल गांधी को शिवभक्त और कमलनाथ को हनुमान भक्त बताना शुरू किया था. हालांकि राहुल गांधी ने सॉफ्ट हिंदुत्व की शुरुआत एक साल पहले गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान ही कर दी थी.

- मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद कमलनाथ ने राम वन गमन पथ योजना के लिए रकम जारी की.

- मध्य प्रदेश में पुजारियों का मानदेय 1 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 3 हज़ार रुपए किया.

- कमलनाथ सरकार ने उज्जैन के महाकाल मंदिर के विकास की 300 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की.

- एक हज़ार गौशालाओं का निर्माण शुरू करवाया.

- उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर को जोड़ने वाले ॐ सर्किट की योजना तैयार की.

- भगवान राम के ओरछा स्थित राम राजा मन्दिर के विकास की योजना बनाई और ओरछा महोत्सव का आयोजन किया गया.

- इसी साल कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हनुमान चालीसा के पाठ का सार्वजनिक आयोजन करवाया.

- सरकार जाने के बाद अब भूमिपूजन से पहले घर पर हनुमान चालीसा का पाठ करवाया

- कमलनाथ राम मंदिर निर्माण का स्वागत भी कर चुके हैं.

ये सब बताता है कि कांग्रेस ने कैसे हिंदीभाषी कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में बीजेपी जैसी बड़ी चुनौती के सामने सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनी ढाल बना लिया है.

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कमलनाथ ने राम मंदिर का सपना साकार होने का श्रेय राजीव गांधी को दिया

हनुमान चालीसा पाठ के बाद 'आजतक' से बात करते हुए कमलनाथ ने बताया कि 'राम नाम या धर्म पर किसी पार्टी विशेष का कॉपीराइट नहीं है. जब भी कांग्रेस धर्म की बात करती है या हमारी पार्टी के नेता मंदिर जाते हैं तो बीजेपी को ना जाने क्यों पेट में दर्द होता है. क्या धर्म पर उनका पेटेंट है, उनका ठेका है, उन्होंने धर्म की एजेंसी ली हुई है क्या?”

कमलनाथ ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कारण ही राम मंदिर का सपना आज साकार हो रहा है. कमलनाथ ने कहा, “आज राजीव जी होते तो यह सब देखते. हम राम मंदिर निर्माण के लिये प्रदेश की जनता की ओर से 11 चांदी की शिलाएं भेज रहे हैं. मैंने छिन्दवाड़ा में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की. हमने अपनी सरकार में गौशालाएं बनवाईं, राम-वन-गमन पथ के निर्माण की बाधाएं दूर कीं, महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर के विकास की योजना बनाई. बस हम धर्म का उपयोग राजनीति के लिये नहीं करते हैं, हम इसे इवेंट नहीं बनाते हैं.”

मंगलवार को हनुमान चालीसा के पाठ से पहले कमलनाथ ने राम मंदिर का स्वागत करते हुए ट्विटर पर वीडियो ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा- 'मैं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत करता हूं, देशवासियों को इसकी बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी. राम मंदिर का निर्माण हर भारतवासी की सहमति से हो रहा है, ये सिर्फ़ भारत में ही संभव है'.

इसके अलावा मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है कि 'धर्म से संस्कृति, संस्कृति से आस्था, आस्था से बढ़े कदम, विकास बना रास्ता। सबका मान, सबका सम्मान, सबकी सहमति, सबका कल्याण जतन में राम, वतन में राम, रामराज लाये बिना, हमें कहाँ विश्राम'.

कांग्रेस के भगवाकरण पर बीजेपी का तंज

मध्यप्रदेश में पहले लगातार 15 साल तक राज फिर, सत्ता गंवाने के बाद महज डेढ़ साल में कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहारे पटखनी देने वाली बीजेपी ने कांग्रेस के इस हिंदुत्ववादी एजेंडे पर निशाना साधा है. कांग्रेस के भगवाकरण पर बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल खड़ा किया, '27 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस को राम याद आ रहे हैं जबकि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राम मंदिर पर अबतक कुछ नहीं कहा. जबकि मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह भूमिपूजन के मुहूर्त को ही गलत बता रहे हैं और दूसरी तरफ कमलनाथ घर पर हनुमान चालीसा का पाठ करवा रहे हैं.'

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विधानसभा उपचुनाव पर है नजर

दरअसल, कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों ही पार्टियां मध्यप्रदेश की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर नज़रें जमाए हुए हैं. बीजेपी जाहिर तौर पर इन सीटों पर राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने की कोशिश करेगी और कांग्रेस इस बात को बखूबी जानती है कि कांग्रेस यदि इस मामले में बीजेपी का विरोध करती है तो बीजेपी इसे आम जनता का विरोध बताकर कांग्रेस को उलझा सकती है. इसलिए सीधे सीधे राम मंदिर का विरोध ना करते हुए कांग्रेस ने खुद राम नाम जपना शुरू कर दिया है.

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