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MP: सीवर में उतरे एक मजदूर और इंजीनियर की मौत, ढक्कन के पास रखे जूतों से हुई पहचान

एक सीवर के बाहर लोगों ने जूते रखे हुए देखे. सीवर का ढक्कन भी खुला हुआ था. लिहाज़ा लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि सीवर के अंदर 2 लोग गिरे हुए हैं, जिसके बाद रस्सियों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी

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केंद्र सरकार की 'अमृत योजना' के तहत स्वीकृत सीवेज परियोजना पर कर रहे थे काम.
केंद्र सरकार की 'अमृत योजना' के तहत स्वीकृत सीवेज परियोजना पर कर रहे थे काम.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दोनों एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए करते थे काम
  • 'अमृत योजना' के तहत प्रोजेक्ट पर कर रहे थे काम
  • नगरीय प्रशासन मंत्री ने दिए जांच के आदेश

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार शाम सीवर के अंदर काम करने गए 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मरने वालों में एक मजदूर है तो दूसरा इंजीनियर है जो एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लिए काम करते थे.

दरअसल, सोमवार दोपहर को भोपाल के लाऊखेड़ी इलाके में एक सीवर के बाहर लोगों ने जूते रखे हुए देखे. सीवर का ढक्कन भी खुला हुआ था. लिहाज़ा लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि सीवर के अंदर 2 लोग गिरे हुए हैं, जिसके बाद रस्सियों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी

केंद्र सरकार की योजना
पुलिस ने शव बाहर निकालने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिए हैं ताकि मौत की असल वजह सामने आ सके. यह हादसा केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत बनाई जा रही सीवर लाइन के अंदर हुआ है. लिहाज़ा नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.

24 घंटे में रिपोर्ट मांगी  
भोपाल संभागायुक्त को मंत्री भूपेंद्र सिंह ने चिट्ठी लिखते हुए कहा है कि हादसे की जांच कर 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाए. जांच में इसका पता लगाया जाएगा कि दोनों सीवर में क्यों उतरे थे और क्या सीवर में उतरते समय दोनों की सुरक्षा के मानदंडों का पालन किया था या नहीं?

 

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