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JMM का गढ़ भेदने उतरेंगे अमित शाह, झारखंड में बीजेपी के मिशन 65 को देंगे धार

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी के मिशन-65 को धार देने के लिए बुधवार को संथाल परगना के जामताड़ा 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' का आगाज करेंगे. शाह इस यात्रा के जरिए जेएमएम के मजबूत गढ़ माने जाने वाले संथाल इलाके में कमल खिलाने की रणनीति है.

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और सीएम रघुवर दास बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और सीएम रघुवर दास

  • शाह 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' का करेंगे आगाज
  • संथाल की सीटों पर कमल खिलाने की कोशिश
  • बीजेपी झारखंड में मिशन-65 प्लस का दिया नारा

झारखंड विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां अपना-अपना सियासी किला दुरुस्त करने में लगी हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर में आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झारखंड के रांची से देश को तीन बड़ी पेंशन योजनओं की सौगात देने के बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बीजेपी के मिशन-65 को धार देने के लिए बुधवार को संथाल परगना की जामताड़ा 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' का आगाज करेंगे.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' के जरिए झारखंड के लोगों तक पहुंचने की रणनीति बनाई है. रघुवर दास अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' शुरू कर रहे हैं, जिसे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे.

मुख्यमंत्री रघुवर दास 19 से 24 सितंबर तक संथाल के सभी छह जिलों की यात्रा करेंगे. संथाल में जोहार जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए क्षेत्र की सभी 18 विधानसभा क्षेत्रों को साधने की कोशिश करेंगे. यह इलाका आदिवासी बहुल माना जाता है और झारखंड मुक्ति मोर्चा का मजबूत गढ़ माना जाता है. ऐसे में बीजेपी की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

बता दें कि बीजेपी 2014 के विधानसभा चुनाव में संथाल परगना में बहुत बेहतर नहीं कर सकी थी. यही वजह है कि सीएम रघुवर दास ने अपनी 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' के शुरुआती दौर में ही संथाल परगना क्षेत्र की सीटों को खास तवज्जो देने की रणनीति बनाई है.

बता दें कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने के लिए 'जोहार जन आशीर्वाद यात्रा' की शुरुआत 15 सिंतबर को रांची से की है. बीजेपी नेताओं का मानना है कि लोकसभा चुनाव में जिस प्रकार पार्टी को लोगों का आशीर्वाद मिला, उसी तरह विधानसभा चुनाव में 65 से ज्यादा सीटों पर जीत की संभावना नजर आ रही है.

लोकसभा चुनावों में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने झारखंड की 14 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इन नतीजों को विधानसभा सीटों के लिहाज से आकलन करने पर पता चलता है कि कुल 81 विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए गठबंधन 63 सीटों (57 बीजेपी और 6 आजसू) पर बढ़त थी. बीजेपी लोकसभा चुनाव के इसी ट्रेंड को आधार बनाकर विधानसभा चुनावों के लिए 65 सीटों का लक्ष्य तय करते हुए 'अबकी बार 65 पार' का नारा भी दिया है.

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