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Jamshedpur: कपड़े उतरवाने से आहत जिस छात्रा ने खुद को लगाई थी आग, उसने तोड़ा दम, शव यात्रा में उमड़े लोग

Jharkhand News: शारदामणि गर्ल्स हाई स्कूल में नकल का शक होने पर टीचर ने कक्षा 9वीं की छात्रा की कपड़े उतरवाकर तलाशी ली थी. जिससे आहत किशोरी ने घर आकर खुद को आग के हवाले कर दिया था. घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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नम आंखों से जमशेदपुर ने दी छात्रा को विदाई.
नम आंखों से जमशेदपुर ने दी छात्रा को विदाई.

Jharkhand News: जमशेदपुर में बसाकची इलाके स्थित शारदामणि गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा की शव यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. सीतारामडेरा थाना इलाके के भुईयाडीह के छाया नगर से जब शव यात्रा निकली, पूरा माहौल गमगीन नजर आया. हर चेहरे पर आंसू ही आंसू नजर आए. शव यात्रा छाया नगर से मानगो स्वर्णरेखा बर्निंग घाट तक निकली. जहां छात्रा के शव का दाह- संस्कार वैदिक रीति से संपन्न हुआ.

शव यात्रा में शामिल मुखी समाज के लोगों ने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की. साथ ही छात्रा की मौत पर गहरी संवेदना प्रकट की. मुखी समाज के लोगों ने शिक्षिका के कृत्य पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. साथ ही जिला प्रशासन से मांग किया कि भविष्य में ऐसा न केवल दलित बल्कि किसी छात्र- छात्राओं के साथ हो इसपर ध्यान देने की जरूरत है. 

गौरतलब है कि बीते शनिवार को शारदामणि गर्ल्स हाई स्कूल के कक्षा 9वीं की छात्रा पर चीटिंग का शक होने पर शिक्षिका ने कपड़े उतरवाकर जांच किए थे. जिससे आहत किशोरी ने घर आकर खुद को आग के हवाले कर दिया था. घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर छात्रा को बेहतर से बेहतर ट्रीटमेंट दिला रही थी, मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था. गुरुवार देर रात ऋतु ने टाटा मुख्य अस्पताल में दम तोड़ दिया. हालांकि, इससे पहले आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. 

वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. उपायुक्त के निर्देश पर छात्रा के बाकी भाई- बहनों की पढ़ाई का खर्चा और सारी सरकारी सुविधाएं उठाने का भरोसा दिलाया गया है. वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रा की मां को स्कूल में नौकरी देने का भी भरोसा दिलाया गया है.

मुखी समाज के अध्यक्ष हरि मुखी ने बताया कि बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. पूरा मुखी समाज इस घटना से दुखी है. आज अगर वो जिन्दा होती तो समाज के लिए कुछ न कुछ जरूर करती. वो एक होनहार छात्रा थी. 

 

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