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चीन पर गर्म, नेहरू पर नरम.... रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- नया भारत माकूल जवाब देने में सक्षम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) जम्मू में 'कारगिल विजय दिवस' कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने पाकिस्तान, चीन और न्यू इंडिया पर बात की. राजनाथ सिंह ने यहां कार्यक्रम में मातृभूमि के लिए शहीद हुए जवानों को भी याद किया. वह बोले कि सेना ने अपने पराक्रम और बलिदान के परिणास्वरूप दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया.

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राजनाथ सिंह ने चीन-पाकिस्तान को चेताया (फाइल फोटो)
राजनाथ सिंह ने चीन-पाकिस्तान को चेताया (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजनाथ सिंह कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए
  • राजनाथ सिंह बोले- न्यू इंडिया माकूल जवाब देने में सक्षम

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान और चीन को चेताया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पहले के मुकाबले काफी बदल गया है, अब हम शक्तिशाली देशों में से एक हैं. उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया उसपर बुरी नजर डालने वाले को माकूल जवाब देने में सक्षम है.

दूसरी तरफ नेहरू पर बीजेपी के हमलों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक और बड़ी बात कही. वह बोले कि मैं किसी प्रधानमंत्री की बुराई नहीं कर सकता, नीति खराब हो सकती है नीयत नहीं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज रविवार को 'कारगिल विजय दिवस' कार्यक्रम में शामिल हुए. यह जम्मू में हो रहा है. यहां राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को वैश्विक सुपरपावर बनाना सही मायने में अपने शहीदों को श्रद्धांजलि होगी.

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र बन चुका है. कारगिल दिवस के मौके पर राजनाथ सिंह ने सेना की तारीफ भी की. वह बोले कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए हमारे सेना ने जो योगदान दिया है उसे भारत कभी भूल नहीं सकता है और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए जिन जवानों ने शहादत दी है मैं उन सभी जवानों की स्मृति में शीश झुकाकर नमन करता हूं.

आजादी के बाद भारत ने किन परेशानियों का सामना किया इसपर बात करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के बाद से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का ये पूरा इलाका 'मेन वॉर थिएटर' बना हुआ है. आजादी के बाद 1948, 1962, 1965, 1971 और 1999 में दुश्मन ने इसपर बुरी नजर डाली लेकिन भारतीय सेनाओं ने अपने पराक्रम और बलिदान के परिणास्वरूप दुश्मनों के मंसूबों को नाकाम किया.

राजनाथ बोले- मैं किसी पीएम की आलोचना नहीं करना चाहता

पाकिस्तान के बाद राजनाथ सिंह ने चीन की बात की. वह बोले कि 1962 में चीन ने भारत पर हमला किया. मैं पीएम नेहरू की आलोचना नहीं करना चाहता. मैं अपने सभी प्रधानमंत्रियों का सम्मान करता हूं. मुझे किसी भी पीएम की नीयत पर शक नहीं है. लेकिन पॉलिसीज की आलोचना हो सकती है. हमें 1962 में हार का सामना करना पड़ा. इसकी हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी. हालांकि, हमारी सेना ने तब भी पराक्रम दिखाया था.

 

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