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कश्मीर में सेना की बड़ी कामयाबी, जैश आतंकी मसूद अजहर का भतीजा लंबू एनकाउंटर में ढेर

जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में शनिवार को सेना और पुलिस के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी. सुरक्षाबल के जवानों ने दक्षिणी कश्मीर के अंवतीपोरा में दो आतंकियों को मार गिराया. इनमें से एक आतंकी जैश ए मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर का भतीजा है जिसका नाम इस्माइल उर्फ लंबू है.

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सुरक्षाबल के जवानों ने पाकिस्तानी आतंकवादी लंबू को मार गिराया है.
सुरक्षाबल के जवानों ने पाकिस्तानी आतंकवादी लंबू को मार गिराया है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • IED एक्सपर्ट था मोहम्मद इस्माइल उर्फ लंबू
  • जैश आतंकी मसूद अजहर का भतीजा था इस्माइल

जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में शनिवार को सेना और पुलिस के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी. सुरक्षाबल के जवानों ने दक्षिणी कश्मीर के अंवतीपोरा में दो आतंकियों को मार गिराया. इनमें से एक आतंकी जैश ए मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर का भतीजा है जिसका नाम इस्माइल उर्फ लंबू है. वह आईईडी एक्सपर्ट था. वह लथपोरा पुलवामा हमले की साजिश में शामिल था और एनआईए की चार्जशीट में भी उसका नाम था. कई आतंकी हमलों में भी उसका हाथ था.

NIA की चार्जशीट में भी था इस्माइल का नाम

मोहम्मद इस्माइल कश्मीर में जैश ए मोहम्मद का मुख्य कमांडर था. वह मसूद अजहर का भतीजा था. इस्माइल बहावलपुर के कोसार कॉलोनी का रहने वाला था. पुलवामा में हुए 2020 और 2019 के हमले के मामले में वह शामिल था और सुरक्षाबल की उसपर नजर थी. 2019 में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल किया गया था.इंटेलिजेंस एजेंसी के डोजियर के मुताबिक अबू सैफुल्लाह का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और आतंकी संगठनों की देखरेख में वह बड़ा हुआ. साल 2017 में उसने भारत में घुसपैठ की और वह अवंतीपोरा, पुलवामा, अनंतनाग में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था.

त्राल में भी आतंकी गतिविधियों की कोशिश की थी

मोहम्मद इस्माइल ने त्राल के नेशनल हाइवे इलाके में भी अपने करीबी साथी समीर अहमद डार के साथ मिलर भी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने की कोशिश की थी समीर अहमद डार पुलवाामा के काकपोरा का रहना वाला था. मोहम्मद इस्माइल विदेशी आतंकी था और देश की सुरक्षा के लिए खतरा था. बुदगाम में साल 2020 में एक एनकाउंटर के दौरान वह भागने में सफल रहा था. इस दौरान एक जवान भी घायल हुआ था. मोहम्मद इस्माइल अफगानिस्तान में तालिबानियों से भी मिला था. वह कार और लैंड माइन में आईईडी लगाे में एक्सपर्ट था. पाकिस्तानी आतंकी इस्माइल उर्फ लंबू फिदायीन हमले कराने के लिए भी सक्रिय था. वह घाटी में शांति बिगाड़ने के लिए युवाओं को पत्थरबाजी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए उकसाता था. वह जैश ए मोहम्मदके लिए नए लोगों की भर्ती की भी फिराक में थे.

वह मुल्तान के आतंकी अब्दुल रहमान उर्फ फौजी का भी बेहद करीबी थी. फौजी को पिछले साल जून के महीने में कांगन नें एनकाउंटर के दौरान मार गिराया गया था. लंबू जैश ए मोहम्मद को और मजबूत करने और फिर से स्थापित करने के लिए अवंतीपोरा और काकपोरा जैसी जगहों पर नए आतंकी गतिविधियों में शामिल था. GOC 15 कॉर्प जैश के आतंकी की मौत को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में और जानकारी साझा करेगी.


 

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