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हिमाचल: पीपीई खरीद घोटाला, ऐसे आए स्कैंडल के लपेटे में बीजेपी अध्यक्ष

हिमाचल प्रदेश में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें गिरफ्तार किए गए स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर ए. के. गुप्ता कथित तौर पर बिंदल के करीबी से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे.

पीपीई खरीद घोटाला (Photo- PTI) पीपीई खरीद घोटाला (Photo- PTI)

  • प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे के निदेशक का ऑडियो हुआ था वायरल
  • बीजेपी अध्यक्ष का करीबी, निदेशक को रिश्वत देने की कर रहा था बात

हिमाचल प्रदेश में कोरोना इक्वीपमेंट यानी पीपीई किट खरीद घोटाले में नाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी. डॉ. राजीव बिंदल ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं.

हालांकि, अब तक विजिलेंस विभाग की ओर से की गई जांच में सामने आया है कि पांच लाख रुपये के रिश्वत कांड में उनका एक बेहद करीबी, उनकी बेटी और दामाद के डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करने वाला कर्मचारी पृथ्वी शामिल था.

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दरअसल, पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें गिरफ्तार किए गए स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर ए. के. गुप्ता कथित तौर पर बिंदल के करीबी से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे. ऑडियो क्लिप में साफ सुना जा सकता है कि निदेशक एक बैंक खाते को बंद करवाने की बात कर रहा है और आखिर में पृथ्वी से अपना सामान यानी पांच लाख रुपये पहुंचाने की बात करता है.

हालांकि, राज्य का विजिलेंस विभाग इस ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक प्रयोगशाला में जांच करवा रहा है लेकिन इस ऑडियो क्लिप में बात कर रहा आरोपी पृथ्वी अब सामने आकर खुद स्वीकार कर चुका है कि वह ऑडियो उसी ने रिकॉर्ड किया था.

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एके गुप्ता पहले से ही अपनी कारगुजारियों के चलते सरकार के निशाने पर थे. रिश्वत कांड का ऑडियो सामने आते ही उनके खिलाफ मामला दर्ज करके विजिलेंस ने उनको गिरफ्तार कर लिया.

उधर अब तक हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बीजेपी अध्यक्ष ने कथित तौर पर 31 मई 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे आरोपी स्वास्थ्य निदेशक को तीन महीने की एक्सटेंशन देने की सिफारिश भी की थी.

इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया

जब बीजेपी अध्यक्ष का नाम इस मामले में उछला तो पार्टी हाईकमान ने उनका इस्तीफा मांग लिया. हालांकि, डॉ. राजीव बिंदल इसे नैतिकता के आधार पर उठाया गया कदम बता रहे हैं, लेकिन उनका इस्तीफा मिलते ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उसे तुरंत ही स्वीकार भी कर लिया. यूं डॉक्टर राजीव बिंदल जगत प्रकाश नड्डा की ही पसंद से पार्टी अध्यक्ष बने थे.

राजीव बिंदल को इस साल के जनवरी में ही प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया था. इससे पहले वह विधानसभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद पर काम कर रहे थे. ऐसे समय में जब देश कोरोना वायरस संकट से जूझ रहा है, ऐसे में बीजेपी शासित प्रदेश में कोरोना वायरस इक्विपमेंट खरीद घोटाले में खुद पार्टी के अध्यक्ष का नाम सामने आने से पार्टी की साख को बट्टा लगा है.

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घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए कांग्रेस की छीछालेदर करती आई भारतीय जनता पार्टी अब खुद कांग्रेस पार्टी के नेताओं के निशाने पर है. हिमाचल प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे पाप करार देते हुए कहा है कि बीजेपी नेताओं के नाम घोटालों में उजागर होने से यह किसी देशद्रोह से कम नहीं है, क्योंकि लोग अपनी जमा की गई पाई-पाई से मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं और भ्रष्ट अधिकारी और बीजेपी नेता उससे अपनी जेब भर रहे हैं.

उधर डॉ. राजीव बिंदल के इस्तीफे के बाद अब प्रदेश पार्टी इकाई के नए मुखिया की तलाश शुरू हो गई है.

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