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बहादुरगढ़ की ऐरोफ्लेक्स फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा, 4 श्रमिकों की मौत, 2 आईसीयू में भर्ती

हरियाणा के बहादुरगढ़ में ऐरोफ्लेक्स फैक्ट्री में दर्दनाक हादसा होने की खबर है. फैक्ट्री के वेस्टेज टैंक की गैस से 4 श्रमिकों की मौत हो गई है. जबकि दो की हालत गंभीर है और वो आईसीयू में भर्ती हैं. सेप्टिक टैंक की मीथेन गैस से, उसमें सफाई करने उतरे श्रमिकों की हालत बिगड़ने लगी और इस तरह ये हादसा हुआ.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हादसा
  • उत्तर प्रदेश के निवासी हैं सभी श्रमिक

हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां ऐरोफ्लेक्स की फैक्ट्री में वेस्टेज टैंक (सेप्टिक टैंक) की गैस से 4 श्रमिकों की मौत हो गई है. जबकि दो की हालत अत्याधिक गंभीर है और वो आईसीयू में भर्ती हैं. घटना रोहद इंडस्ट्रियल एरिया की है.

बहादुरगढ़ में एरोफ्लेक्स की फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक की मीथेन गैस की वजह से ये हादसा हुआ है. घटना की सूचना मिलते ही आसौदा थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंच गई, साथ ही कई प्रशासनिक अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं और मामले की जांच चल रही है. इस फैक्ट्री में इंजन की सील गैस किट जाती है. 

मिली जानकारी के अनुसार, ये फैक्ट्री दिल्ली के पटेल नगर निवासी हितेश नाम के शख्स की है. कंपनी में ही सफाई के लिए कई वेस्ट टैंक बनाए हुए हैं. बुधवार की दोपहर कुछ कर्मचारी इन टैंकों की सफाई में जुटे थे. इसी दौरान 6 कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए. इसके बाद वो अचेत होकर गिर पड़े. आनन-फानन में कर्मचारियों को बहादुरगढ़ के ही जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें 4 श्रमिकों की मौत हो गई. अभी भी दो की हालत गंभीर बनी हुई है. मरने वालों की पहचान उत्तर प्रदेश के निवासियों के तौर पर हुई हैं. इनमें यूपी के किहार निवासी राजबीर, नवाबगंज के मदिरापुर निवासी अजय कुमार, शाहजहांपुर जिला निवासी जगतपाल व बाराबंकी निवासी प्रकाश शामिल हैं, जबकि यूपी के ही मयंक और विकास की हालत गंभीरहै. दोनों को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है.

सूचना के बाद झज्जर जिले के डीसी शक्ति सिंह और एसपी वसीम अकरम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. फिलहाल इंडस्ट्रियल सेफ्टी अधिकारियों ने श्रमिकों की मौत का कारण मीथेन गैस बताया है. फैक्ट्री के वेस्ट टेंक की सफाई पिछले लंबे समय से नहीं हुई थी. गंदगी काफी समय से जमा होने के कारण वहां पर मिथेन गैस बन गई थी. इसी गैस की चपेट में श्रमिक आ गए और उनकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी एक टीम बनाई गई है. जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

 

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