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पंचकूलाः AJL मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा कोर्ट में हुए पेश, अगली सुनवाई 21 जनवरी को

हरियाणा की विशेष ईडी कोर्ट में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड प्लॉट आवंटन मामले में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई. आज की सुनवाई के दौरान मामले के दोनों मुख्य आरोपियों में से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ईडी कोर्ट में पेश हुए.

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल)

  • AJL मामला: ईडी कोर्ट पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हूड्डा
  • AJL हाउस के चेयरमैन मोतीलाल वोरा कोर्ट में पेश नहीं हुए

पंचकूला में स्थित हरियाणा की विशेष ईडी कोर्ट में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) प्लॉट आवंटन मामले में आज मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई. आज की सुनवाई के दौरान मामले के दोनों मुख्य आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ईडी कोर्ट में पेश हुए जबकि AJL हाउस के चेयरमैन मोतीलाल वोरा कोर्ट में पेश नहीं हुए.

अगली सुनवाई 21 जनवरी को

विशेष ईडी कोर्ट में आज केवल हाजिरी लगी. मामले की अगली सुनवाई अब 21 जनवरी को होगी. पिछली सुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और AJL हाउस के चेयरमैन मोतीलाल वोरा को कोर्ट द्वारा रेगुलर जमानत दी गई थी.

पिछली सुनवाई में पंचकूला स्थित विशेष ईडी कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हूड्डा और मोतीलाल वोरा की जमानत मंजूर कर ली थी. 26 अगस्त को इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुड्डा और वोरा के खिलाफ अभियोजन की शिकायत दाखिल कर दी थी.

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने 64.93 करोड़ रुपये का प्लॉट AJL को 69 लाख 39 हजार रुपये में दिया था.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ

कुछ दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंचकूला में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को एक भूखंड आवंटन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से पूछताछ की थी. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बयान दर्ज किए गए थे.

पंचकूला स्थित यह भूखंड सेक्टर 6 में सी-17 नंबर AJL को आवंटित किया गया था. इसे पिछले साल ED ने कुर्क कर लिया था. AJL को कथित तौर पर नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा संचालित किया जाता था. यह ग्रुप नेशनल हेरल्ड अखबार निकालता था.

ED की जांच में पाया गया कि हुड्डा ने हरियाणा का मुख्यमंत्री रहने के दौरान अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए यह भूखंड पुन: आवंटन की आड़ में नए सिरे से AJL को 1982 की दर (91 रुपये प्रति वर्ग मीटर) और ब्याज के साथ फर्जी तरीके से आवंटित कर दिया.

AJL को हुआ अनुचित फायदा

जांच एजेंसी ने कहा था कि 2005 में इस पुन: आवंटन से AJL को अनुचित फायदा हुआ. ED के मुताबिक, इस भूखंड का बाजार मूल्य 64.93 करोड़ रुपये था, जबकि इसे हुड्डा को 69.39 लाख रुपये में आवंटित कर दिया था.

हुड्डा के खिलाफ विशेष CBI अदालत में पहले ही मानेसर जमीन घोटाले, AJL प्लॉट आवंटन मामले में आरोप तय करने के लिए बहस चल रही है. CBI के विशेष जज जगदीप सिंह इन मामलों की सुनवाई कर रहे है. AJL केस में ED द्वारा दाखिल अभियोजन की शिकायत की सुनवाई भी वही करेंगे.

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