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महिला कॉन्स्टेबल को हवालात के बाहर टिक टॉक वीडियो बनाना पड़ा महंगा

अर्पिता चौधरी पिछले कुछ वक्त से मेहसाणा जिले के लाघणज पुलिस थाने में ड्यूटी कर रही थी. महिला कॉन्स्टेबल अर्पिता चौधरी ने जेल के सामने टिक टॉक ऐप के जरिए एक फिल्मी गाने पर वीडियो बनाया था जिसके बाद महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है.

 महिला पुलिस कांस्टेबल को किया गया सस्पेंड (फोटो-गोपी घांघर) महिला पुलिस कांस्टेबल को किया गया सस्पेंड (फोटो-गोपी घांघर)

आजकल टिक टॉक और अलग-अलग मोबाइल ऐप का लोगों में काफी क्रेज देखने को मिल रहा है लेकिन यह मत भूलिए कि उनका गलत इस्तेमाल आपकी नौकरी के लिए खतरा बन सकता है. ऐसा ही एक मामला गुजरात के मेहसाणा जिले से सामने आया हैं. जहां एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ने टिक टॉक ऐप पर पुलिस थाने के अंदर एक फिल्मी गाने पर वीडियो बनाया जिसके बाद महिला कॉन्स्टेबल को सस्पेंड करने के आदेश दे दिए गए.

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल का नाम अर्पिता चौधरी बताया जा रहा है. पुलिस में पिछले दो साल से बतौर महिला कॉन्स्टेबल के तौर पर काम कर रही है. अर्पिता चौधरी पिछले कुछ वक्त से मेहसाणा जिले के लाघणज पुलिस थाने में ड्यूटी कर रही थी. महिला कॉन्स्टेबल अर्पिता चौधरी ने जेल के सामने टिक टॉक ऐप के जरिए एक फिल्मी गाने पर वीडियो बनाया था. जिसके बाद वो वीडियो सोशल मीडिया जमकर वायरल हो गया. लेकिन टिक टॉक ऐप पर पुलिस थाने में वीडियो बनाना महिला कॉन्स्टेबल को महंगा पड़ गया.

img_1133_072519120932.pngमहिला पुलिसकर्मी वीडियो बनाते हुए

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के आलाधिकारी हरकत में आए और डिप्टी एसपी मंजिता वंजारा ने इस मामले में जांच के आदेश दिए. डिप्टी एसपी मंजिता वंजारा का कहना है कि पुलिस डिपार्टमेंट में अनुशासन का होना बेहद जरूरी हैं. जांच के बाद अर्पिता के दोषी पाए जाने से इस पूरे मामले में फिलहाल कॉन्स्टेबल अर्पिता चौधरी को सस्पेंड करने के आदेश दे भी दे दिए गए हैं.

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