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Surat Fire: 'कूदकर जान बचाने के अलावा कुछ समझ नहीं आया', उस वक्त ऐसा था मंजर

कॉम्प्लेक्स से कूदकर अपनी जान बचाने वाले रुसीत ने आगे कहा कि हम तीसरे मंजिले पर थे और वहां से निकलने की कोशिश करने लगे. तीसरे मंजिले से सबसे पहले मैं कूदा और अपनी जान बचाई. रुसीत फिलहाल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं और उनका वहां इलाज चल रहा है.

सूरत के इसी इमारत में लगी आग (PHOTO-PTI) सूरत के इसी इमारत में लगी आग (PHOTO-PTI)

सूरत की एक चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार दोपहर लगी आग ने 20 छात्रों की जान ले ली. अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद कई छात्र छत से कूद गए जिसमें कई की मौत हो गई तो कई जान बचाने में कामयाब रहे. हादसे में कूदकर जान बचाने वाले छात्रों की जानते हैं आपबीती.

हादसे के वक्त कॉम्प्लेक्स में मौजूद रहे रुसीत ने बताया कि हम सब ऑफिस में बैठे थे और कुछ देर बाद वहां धुआं आने लगा तो लगा कि बच्चों ने जलाया होगा, फिर लगा कि एसी से धुआं आ रहा है. अभी सोच ही रहे थे कि धुआं अचानक से तेज हो गया और हम लोगों का दम घुटने लगा.

बाहर देखा तो पता चला

कॉम्प्लेक्स से कूदकर अपनी जान बचाने वाले रुसीत ने आगे कहा, 'हम तीसरे मंजिले पर थे और वहां से निकलने की कोशिश करने लगे. तीसरे मंजिले से सबसे पहले मैं कूदा और अपनी जान बचाई.' रुसीत फिलहाल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं और उनका वहां इलाज चल रहा है.

घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद और मददगार पूर्व विधायक प्रफुल्ल ने कहा कि उसने खुद ऊपर से गिरते कई बच्चों को लपका और अपनी गाड़ी में रखकर अस्पताल ले गए. हादसे में 20 छात्रों की मौत हो गई है जबकि 20 से ज्यादा छात्र घायल है.

कूदकर जान बचाने वाले 15 वर्षीय छात्र राम वाघानी ने बताया कि वह अलोहा के नाम से चल रहे माइंड फ्रेश यानी कि मेंटली डेवलप क्लास में था. तभी चारो तरफ धुआं दिखा. बाहर आकर देखा तो पता चला कि काफी धुआं फैल गया है, इसलिए उसे पता चल गया और उसने कूदकर अपनी जान बचाई. वह अकेला ही कूदा था, बाद में सीढ़ी आ गई जिसके सहारे लोग नीचे उतर आए. वहां पर काफी धुआं फैल गया था.

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वहीं एक अन्य छात्रा उर्मी ने कहा कि वह हादसे के वक्त ड्राइंग की क्लास ले रही थी. इस बीच उसने बाहर धुआं देखा तो उसे लगा कि किसी ने बहुत सारे कागज एक साथ जला दिए हैं, लेकिन थोड़ी ही देर में सभी को लगा कि आग लग गई है तो सब लोग घबरा गए. लेकिन उसने अपनी मैडम के साथ रहने का फैसला लिया क्योंकि वह खिड़की के नीचे लगी रेलिंग के सहारे नीचे उतर रही थीं और वह भी रेलिंग के सहारे नीचे उतर आई. बाद में कई और छात्रों ने इस तरह से जान बचाई.

आधे घंटे की देरी

आग लगते ही लोगों ने सूचना फायर ब्रिगेड को दी. करीब 50 से ज्यादा फोन फायर टीम के पास पहुंच गए फिर भी फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुंचने में आधा घंटे लग गए. तब तक आग काफी फैल चुकी थी जिस कारण तीसरे और चौथे फ्लोर के रास्ते को बंद हो गए और बच्चे फंस  गए थे.

आग लगने के बाद बाद एक छात्र ने फायर ब्र‍िगेड को फोन किया तो काफी देर बाद दमकल की गाड़ियां आईं. शुरुआत में केवल 6 टैंक लेकर पहुंची फायर की टीम ने 20 मिनट तो अपने संसाधनों को तैयार करने में लगा दिए, उसके बावजूद पानी की बौछार आग तक नहीं पहुंच रही थी, जिससे आग पर नियंत्रण पाने में काफी समय लग गया.

सूरत के एक चार मंजिला कॉम्प्लेक्स परिसर में शुक्रवार दोपहर आग लगने से एक कोचिंग क्लास के 20 छात्रों की मौत हो गई. इनमें से कुछ छात्रों की इमारत से कूदने की वजह से तो कुछ की दम घुटने से मौत हुई. 3 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराया गया है. 2 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

ऑडिट करने का आदेश

इस घटना के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने सरथाना में चार मंजिला वाणिज्यिक इमारत में आग लगने की घटना के बाद स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटर में आग से सुरक्षा को लेकर ऑडिट कराने का आदेश दिया.

घटनास्थल का जायजा लेने के बाद रुपाणी ने कहा कि ऑडिट में पता लगाया जाएगा कि राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में आग की घटना से बचाव के लिए समुचित उपकरण और सुविधाएं हैं या नहीं.

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