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Surat Fire: कोचिंग सेंटर में सुरक्षा की अनदेखी का जिम्मेदार कौन है?

सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगी. जिसके बाद बच्चों को क्लासरूम से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. आग इतनी तेजी से फैली की बच्चों को बिल्डिंग की छत से जान बचाने के लिए नीचे कूदना पड़ा.  इस हादसे में 20 छात्रों की जान चली गई.

सूरत में आग सूरत में आग

सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आग लगी. जिसके बाद बच्चों को क्लासरूम से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चों को बिल्डिंग की छत से जान बचाने के लिए नीचे कूदना पड़ा. इस हादसे में 20 छात्रों की जान चली गई.

इस हादसे की वजह कोचिंग सेंटर संचालको की लापरवाही को माना जा रहा है. जो बजाय बच्चों की सुरक्षा के कमाई की ओर ध्यान देते हैं. दिल्ली में भी हजारों कोचिंग सेंटर हैं. जहां अपने भविष्य को सुनहरा बनाने के लिए लाखों बच्चे पढ़ने आते हैं.

कोचिंग के चमकते धंधे को देखते हुए दिल्ली में हजारों कोचिंग सेंटर हैं, जो फीस के नाम पर लाखों रुपए तक लेते है. ये अवैध बिल्डिंग में किराए पर जगह लेते हैं. न तो फायर एनओसी लेते हैं और न ही अग्निशमन यंत्र लगाने जैसे सुरक्षा के इंतजाम करते हैं. हालांकि सवाल ये उठता है कि कोचिंग सेंटर में सुरक्षा की अनदेखी का जिम्मेदार कौन हैं?

दिल्ली में हजारों कोचिंग सेंटर हैं. जिसमें लाखों बच्चे अपने सुनहरे भविष्य की चाहत में पढ़ने आते हैं. सूरत जैसा हादसा दिल्ली में न हो, ऐस में कोचिंग सेंटर में बच्चों की सुरक्षा के क्या इंतजाम है, ये जानने के लिए कोचिंग सेंटर्स का रियलिटी चेक किया गया. दिल्ली के लक्ष्मी नगर में कई कोचिंग सेंटर है. जिसमें देखा गया कि वहां की इमारत काफी पुरानी है. साथ ही अग्निशमन यंत्र भी ज्यादातर कोचिंग सेंटर में नहीं देखने को मिली.

वहीं दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में जहां अग्निशमन यंत्र नहीं था, वहां के संचालक अंकित का कहना है कि सूरत हादसे से सबक लेते हुए अब वो अपने कोचिंग सेंटर में अग्निशमन यंत्र के साथ ही सुरक्षा के सारे इंतजाम करेंगे.

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