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दिल्ली से दो बदमाश गिरफ्तार, बोले- नीरज बवाना जैसा बनना चाहते थे

स्पेशल सेल ने दो बदमाशों को पकड़ा है. 21 वर्षीय पंकज उर्फ गोली मोहन गार्डन नई दिल्ली का रहने वाला है. वहीं आसिफ यूपी के बागपत का रहने वाला है. दोनों गैंगस्टर नीरज बवानिया के संपर्क में आए और उसके जैसा बनना चाहते थे. दोनों बदमाश पहले भी दो आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए हैं.

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने नीरज बवाना गैंग के दो कुख्यात गैंगस्टर पंकज पाकिया उर्फ गोली और आसिफ को गिरफ्तार किया है. उनके पास से 1 पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस और 1 चोरी की बाइक बरामद की गई है. दरअसल, क्लीन स्वीप अभियान के तहत बाहरी जिले के स्पेशल स्टाफ ने ऐसे गैंगस्टरों की जानकारी लेने के लिए गुप्त मुखबिरों को तैनात किया था. 2 अगस्त को टीम को नीरज बवानिया गैंग के दो कुख्यात गैंगस्टरों के बारे में सूचना मिली थी. जिसके आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा एक टीम का गठन किया गया.

टीम ने रणहोला विहार, गंदा नाला, श्मशान घाट पर जाल बिछाया और रात करीब 08:15 बजे गुप्त मुखबिर के कहने पर मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया. इनकी पहचान पंकज और आसिफ के रूप में हुई है. लगातार पूछताछ के दौरान पकड़े गए बदमाशों ने खुलासा किया कि वे दोनों गैंगस्टरों से बहुत प्रेरित थे और अपने स्कूल के दिनों में खूब लड़ाई झगड़ा करते थे. वे गैंगस्टर नीरज बवानिया के संपर्क में आए और उसके जैसा बनना चाहते थे. ये दोनों पहले भी दो आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए हैं. उन्होंने आगे खुलासा किया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए दिल्ली के विकास नगर निवासी एक लाला से हथियार खरीदे थे. 

आगे की पूछताछ के दौरान उन्होंने मंगोलपुरी में हत्या के प्रयास के मामले में शामिल होने की बात भी कबूली. जिसमें उन्होंने लोगों में डर पैदा करने और नीरज बवानिया की तरह गैंगस्टर बनने के लिए एक व्यक्ति विजय बंसल पर गोलियां चलाईं और मौके से भाग गए थे. उनके द्वारा मोटरसाइकिल भी चुराई गई थी, ताकि वे इसे अपराध में इस्तेमाल कर सकें.

पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय पंकज उर्फ गोली मोहन गार्डन नई दिल्ली का रहने वाला है. उसके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह 12वीं तक पढ़ा हुआ है. वह रोप गेम का भी खिलाड़ी था. वह अपने स्कूल के दिनों में लड़ता झगड़ता रहता था और स्कूल में गुंडे जैसी पहचान बनाई हुई थी. इसके बाद वह रोहित तिवारी, रविंदर, ऋतिक, आकाश उर्फ रैंचो और आसिफ उमर के संपर्क में आया, जो मारपीट की घटनाओं में भी शामिल थे.

वहीं आसिफ यूपी के बागपत का रहने वाला है. वह पढ़ा-लिखा नहीं है और उसने जूते का काम शुरू किया था. लेकिन मुनाफा न होने के चलते उसने काम बंद कर दिया और एक निजी नौकरी करने लगा. इसके बाद वह पंकज उर्फ गोली के संपर्क में आया. दोनों ही पहले भी दो आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए हैं.

 

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