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बेरोजगारों को अग्निपथ पर चलाकर इनकी अग्निपरीक्षा मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी: राहुल गांधी

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ गुरुवार को बिहार, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. उधर, योजना को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हमलावर दिख रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने योजना को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी. -फाइल फोटो कांग्रेस नेता राहुल गांधी. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केजरीवाल ने कहा- युवाओं की मांग एकदम सही है
  • नौजवानों की उम्मीदों पर फिरा पानी: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'अग्निपथ योजना' को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेरोजगारों की आवाज सुनने की अपील की है. उन्होंने कहा कि न कोई रैंक, न कोई पेंशन... न 2 साल से कोई डायरेक्ट भर्ती... न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य... न सरकार का सेना के प्रति सम्मान... देश के बेरोजगार युवाओं की आवाज सुनिए, इन्हे 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री जी.

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी देश के इन्ही युवाओं ने दो बार आपको सत्ता के शिखर पर पहुंचाया. सीना तान कर आपका साथ दिया. अब आपने इनके पेट और पीठ दोनों पर लात मार दिया. युवा कह रहे हैं “अर्थी दो या भर्ती”.

केजरीवाल ने कहा- युवाओं की मांग एकदम सही है

अग्निपथ योजना को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सेना भर्ती में केंद्र सरकार की नई योजना का देश में हर तरफ विरोध हो रहा है. युवा बहुत नाराज हैं. उनकी मांग एकदम सही है. उन्होंने कहा कि सेना हमारे देश की शान है, हमारे युवा अपना पूरा जीवन देश को देना चाहते हैं, उनके सपनों को 4 साल में बांधकर मत रखिए. 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से अपील है कि युवाओं को 4 साल नहीं, पूरी ज़िंदगी देश सेवा करने का मौक़ा दिया जाए. उन्होंने ये भी कहा कि पिछले दो साल सेना में भर्तियां ना होने की वजह से जो ओवरएज हो गए, उन्हें भी मौक़ा दिया जाए. 

नौजवानों की उम्मीदों पर फिरा पानी: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कोरोना काल के तीन वर्षों में सेना भर्ती बंद होने से बड़ी संख्या में युवा ओवरएज हो चुके हैं. अग्निपथ पॉलिसी लागू होने के बाद सेना भर्ती की आस लगाये बैठे ओवरएज युवाओं और सेना भर्ती के लिये लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट दे चुके नौजवानों की भी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है.

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने ट्वीट कर कहा कि देश के युवा अग्निपथ स्कीम का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने सवाल पूछा कि योजना का विरोध कर रहे युवाओं के घरों पर भी बुलडोज़र जायेगा?

 बता दें कि अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में बेहद आक्रोश दिखाई दे रहा है. कई राज्यों में युवा सड़कों पर उतर आए हैं. बिहार में कई जगहों पर आगजनी हुई है तो हरियाणा राजस्थान में भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. स्कीम के विरोध में कई जगह आगजनी हुई है, रेल मार्ग-सड़क मार्ग को रोका गया है. इसके अलावा पथराव की भी खबरें हैं. कैमूर और छपरा में ट्रेनों में आगजनी की गई. वहीं, आरा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने काफी तोड़फोड़ की है. यहां मौजूद रेलवे के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई है. रेलवे स्टेशन पर लूटपाट और भगदड़ भी देखने को मिली.

पांच पॉइंट में समझें कि क्या है अग्निपथ योजना?

1- अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा. इसके लिए आयुसीमा 17.5 से 21 साल के बीच रखी गई है. इस साल 46 हजार युवाओं को भर्ती किया जाएगा.

2- इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में युवा चार साल के लिए भर्ती होंगे. इन्हें 'अग्निवीर' कहा जाएगा. सबसे ज्यादा 40 हजार युवा सेना में भर्ती होंगे.

3- अग्निवीरों को हर महीने 30 हजार रुपये की सैलरी मिलेगी. ये सैलरी हर साल बढ़ेगी और चौथे साल 40 हजार रुपये महीने सैलरी मिलेगी.

4- इसके अलावा अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा. सेवा के दौरान शहीद होने या दिव्यांग होने पर 44 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा.

5- चार साल की सेवा पूरी होने के बाद 25% युवा सेना में आगे बरकार रहेंगे. इन्हें और 15 साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिलेगा. इस दौरान सेनाओं के कानून और शर्तें इन पर लागू होंगी.

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