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दिल्ली में दमघोंटू हवा से सावधान! क्या कम होता तापमान बढ़ाएगा प्रदूषण? जानिए मौसम वैज्ञानिक क्यों दे रहे चेतावनी

Delhi Pollution: दिल्ली में अभी सर्दी ने दस्तक नहीं दी लेकिन प्रदूषण ने अभी से लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली के आज (मंगलवार), 20 सितंबर को आनंद विहार में AQI 418 रिकॉर्ड किया गया है. मौसम एक्सपर्ट्स की मानें तो दिल्ली में तापमान में कमी के साथ ही प्रदूषण और बढ़ सकता है. जानिए दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर मौसम एक्सपर्ट्स का क्या कहना है.

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Delhi Pollution (Representational Image)
Delhi Pollution (Representational Image)

Delhi Pollution Latest Updates: देश की राजधानी दिल्ली से मॉनसून की वापसी का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे ही दिल्लीवालों को प्रदूषण का डर सताने लगा है. दिल्ली में हर साल दिवाली के आस-पास प्रदूषण का खतरा बढ़ने लगता है. लेकिन इस साल दिल्ली में सितंबर से ही वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्थिति में है. राष्ट्रीय राजधानी में आज (मंगलवार), 20 सितंबर को लगातार दूसरे दिन वायु की गुणवत्ता यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चिंताजनक स्थिति में रिकॉर्ड किया गया.

इससे पहले सोमवार को भी दिल्ली में धुंध देखी गई थी. दिल्ली के आनंद विहार में आज, 20 सितंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक 418 पहुंच गया है. इस बीच माना जा रहा है कि दिल्ली में एक हफ्ते के अंदर हवा और दमघोंटू हो जाएगी. मौसम के जानकारों का कहना है कि दिल्ली में तापमान कम होने के साथ ही प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है. दिल्ली में फिलहाल अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच है. वहीं, न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री से थोड़ा नीचे बने रहने का पूर्वानुमान है. ऐसे में कई सारे फैक्टर अचानक प्रदूषण को बढ़ाने में हिस्सेदार होंगे.

इस बीच पंजाब और हरियाणा में जलने वाली पराली से प्रदूषण कब तक शुरू होगा ये सवाल भी लोगों को परेशान कर रहा है. अगर नासा के फायर मैप पर नज़र डालें तो उत्तर और उत्तर पश्चिम पंजाब और साथ लगते पाकिस्तान के हिस्सों में फायर स्पॉट अभी से नज़र आने लगे हैं यानी कुछ हिस्सों में पराली जलनी शुरू हो गई है. हालांकि, अभी उस पराली का धुआं दिल्ली या आस-पास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक पहुंचेगा, इसकी संभावना न के बराबर है.

दरअसल, मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, इस समय हवा की दिशा ईस्ट से वेस्ट की ओर और साउथ से नॉर्थ की ओर चल रही है, जो धुएं की आने वाली दिशा से विपरीत है. लेकिन अगले कुछ दिनों में मॉनसून वापसी के साथ ही हवा की दिशा और रफ्तार बदलेगी और तब तक यानी दशहरे के आस-पास धान की फसल कटनी भी शुरू हो जाएगी. तब पराली से आने वाला धुआं दिल्ली को ज़्यादा सताएगा. 

NASA Firemap
NASA Firemap

एक्सपर्ट्स की मानें तो एक एंटीसाइक्लोनिक सिस्टम के नॉर्थ वेस्ट भारत में एक्टिव होने की वजह से ये लगभग तय है कि मॉनसून बस कुछ दिनों का मेहमान है. लेकिन उत्तर प्रदेश में अब भी मॉनसून एक्टिव है जिसकी वज़ह से बादल दिल्ली के आसमान पर भी दिख रहे हैं साथ ही आर्द्रता (Humidity) भी काफी अधिक है.

एंटी साइक्लोनिक सिस्टम और मॉनसूनी सिस्टम मुमकिन है कि आने वाले दिनों में दिल्ली के आस-पास टकराए और उससे गरज के साथ बारिश की संभावना भी बन रही है. सर्दियों की दस्तक यानि शुष्क हवाएं इन सिस्टम के गुजरने के बाद ही ज़्यादा हावी होंगी, ऐसा अनुमान है. 

बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजन 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर माना जाता है.

 

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