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जगदीप धनखड़ को BJP ने क्यों बनाया उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA का उम्मीदवार? जानें क्या हैं फैक्टर

जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना गांव के रहने वाले हैं. धनखड़ का राजनीतिक अनुभव, ग्रामीण पृष्ठभूमि और जाट फैक्टर बीजेपी के पक्ष में है. धनखड़ को 30 जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था.

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एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनखड़. -फाइल फोटो
एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनखड़. -फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं
  • पीएम मोदी ने भी धनखड़ को किसान पुत्र बताया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारत के अगले उपराष्ट्रपति के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को NDA की ओर से उम्मीदवार बनाया है. छह अगस्त को उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है. जगदीप धनखड़ अगर उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं तो फिर 2023 में राजस्थान और 2024 में हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को मदद मिल सकती है.  

शनिवार को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनखड़ के नाम की घोषणा करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें किसान पुत्र बताया. उन्होंने ये भी कहा कि धनखड़ ने खुद को जनता के राज्यपाल के रूप में स्थापित किया है. इस दौरान जेपी नड्डा ने धनखड़ की विनम्र पृष्ठभूमि और लोगों से जुड़ने की क्षमता के बारे में भी चर्चा की. 

पीएम मोदी ने भी धनखड़ को किसान पुत्र बताया

उपराष्ट्रपति पद के लिए धनखड़ के नाम की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'किसान पुत्र जगदीप धनखड़ अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने हमेशा किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचितों की भलाई के लिए काम किया है. खुशी है कि वह हमारे उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे. पीएम मोदी ने कहा कि जगदीप धनखड़ को हमारे संविधान का उत्कृष्ट ज्ञान है. वह विधायी मामलों से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं. मुझे विश्वास है कि वह राज्यसभा में एक उत्कृष्ट अध्यक्ष होंगे और राष्ट्र की प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही का मार्गदर्शन करेंगे.

किसानों को संदेश देने की कोशिश

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो विधानसभा चुनाव और 2024 में लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार घोषित किया है. भाजपा किसानों को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उनकी पार्टी किसान समर्थक है. नवंबर 2021 में सरकार ने कृषि बिल वापस ले लिया था. उसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव हुए जिसमें भाजपा जाट बहुल जिलों में 76 में से 51 सीटें जीतने में सफल रही.

धनखड़ का संवैधानिक ज्ञान

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के पास गहरा कानूनी और विधायी ज्ञान है. वह 1989 में झुंझुनू संसदीय क्षेत्र से 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे. वह चंद्रशेखर सरकार में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री थे. 1993-1998 में अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के लिए चुने गए. लोकसभा और राजस्थान विधानसभा दोनों में वह महत्वपूर्ण समितियों का हिस्सा थे. वह सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ राजस्थान हाई कोर्ट में सीनियर वकील भी रहे हैं. 

राजनीतिक और कानूनी अनुभव

राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सदन की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं. राज्यसभा के सभापति के रूप में जगदीप धनखड़ की चुनौती राज्यसभा की उत्पादकता को अधिकतम करना और लंबित बिलों पर आम सहमति तक पहुंचना है. राज्यसभा में अब तक 26 बिल लंबित हैं. संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त 2022 तक चलेगा. ये देखने वाली बात होगी कि अगर धनखड़ छह अगस्त को उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं तो फिर वे राज्यसभा में टीएमसी के हंगामे को कैसे संभालेंगे. 

जाट फैक्टर

राजस्थान और हरियाणा विधानसभा चुनाव 2023 और 2024 में होने हैं, जहां जाट मतदाताओं की बड़ी संख्या है. राजस्थान में विधानसभा चुनाव दिसंबर 2023 में जबकि हरियाणा में विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2024 में होंगे. जाट राजस्थान की आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हैं. शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्रों में जाटों का महत्वपूर्ण प्रभाव है.

पिछले हफ्ते आरएसएस ने जगदीप धनखड़ के पैतृक स्थान झुंझुनू में तीन दिवसीय 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक' की बैठक की थी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच कोल्ड वार भी आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को मदद पहुंचा सकता है. 
 
वहीं, दशकों से हरियाणा की राजनीति में जाटों का दबदबा था. जाति समीकरण के अंकगणित ने 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को राजनीतिक बदलाव का विश्वास दिलाया. जाट हरियाणा की आबादी का लगभग 25-28 प्रतिशत हिस्सा हैं.

बीजेपी को 2013 तक ब्राह्मण, बनिया और राजपूत पार्टी के रूप में जाना जाता था. लेकिन 2013 के बाद बीजेपी ने हरियाणा में जाट समुदाय से संपर्क किया. माना जा रहा है कि अगर जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं तो आने वाले विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए यह फायदेमंद होगा.

(रिपोर्ट- बिकास कुमार सिंह)

 

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