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दिल्ली में क्या सितंबर महीने में खुल सकते हैं स्कूल?

दिल्ली सरकार फिलहाल इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहती. शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि अब तक इस विषय पर चर्चा भी शुरू नहीं हुई है और 31 अगस्त तक चर्चा के कोई आसार भी नहीं है.

कब खुलेंगे दिल्ली के स्कूल? कब खुलेंगे दिल्ली के स्कूल?

  • सितंबर की शुरुआत तक क्लासेज शुरु हो सकते हैं?
  • केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से मांगी है उनकी राय

कोरोना महामारी के दौरान केरजीवाल सरकार कोरोना टेस्टिंग या फिर लॉकडाउन में ढील देने को लेकर हमेशा सुर्खियों में रही. एक बार फिर चर्चा इस बात को लेकर जोर पकड़ रही है कि क्या दिल्ली सरकार आने वाले कुछ समय में स्कूल खोलने पर विचार कर सकती है. क्या राजधानी दिल्ली में अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत तक क्लासेज शुरु हो सकते हैं? हालांकि इस विषय में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से राय भी मांगी है.

दिल्ली सरकार फिलहाल इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहती. शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि अब तक इस विषय पर चर्चा भी शुरू नहीं हुई है और 31 अगस्त तक चर्चा के कोई आसार भी नहीं है. अगर आने वाले दिनों में राजधानी मौजूदा समय के हिसाब से कोरोना पर कंट्रोल कर भी लेती है तो सितंबर में ही आगे की रणनीति पर विचार हो सकेगा.

दरअसल पिछले हफ्ते ही उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार के कुछ प्रस्तावों को वापस कर दिया था. जिसमें जिम और होटल खोलने का प्रस्ताव भी शामिल था. अधिकारियों के मुताबिक जब जिम और होटल खोलने को लेकर एक राय नहीं बन पा रही है, उस वक्त में स्कूल खोलने पर आम सहमति बनना असंभव है. इसलिए वर्तमान में दिल्ली सरकार के भीतर स्कूल खोलने की चर्चा शुरू नहीं हुई है.

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दिल्ली में स्कूल नहीं खुल पाने की एक वजह और भी है. वर्तमान में दिल्ली के कई स्कूलों में कोरोना को देखते हुए हंगर रिलीफ सेंटर और कोविड केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं. जब तक यह सेंटर बंद नहीं होते और उसके बाद स्कूल की बिल्डिंग का ठीक से सैनिटाइजेशन नहीं होता तब तक स्कूल खोले नहीं जा सकते हैं.

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इन सब के साथ ही छात्रों के स्कूल आने-जाने को लेकर भी एक बड़ा सवाल है. दिल्ली सरकार के अधिकारी कहते हैं कि दिल्ली में पैदल जाने वाले छात्रों की संख्या काफी कम है. कई स्कूलों में छात्र लंबी दूरी तय कर पहुंचते हैं. ऐसे में उनके सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी सरकार की ही जिम्मेदारी होगी. ऐसे में इन तमाम विषयों पर बातचीत तभी होगी जब दिल्ली में कोरोना के मामले स्थिर हो जाएंगे.

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