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दिल्ली में प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए लाया जा रहा विंटर एक्शन प्लान, इस महीने के आखिरी में होगा लागू 

Winter Action Plan: दिल्ली की हवा अचानक से खराब होती जा रही है. एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर पिछले कुछ दिनों से गिरता ही जा रहा है. आगे भी इसकी गुणवत्ता खराब होने का अनुमान है. विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में बहाव न होने की वजह से ऐसी स्थिति बन गई है. वहीं दिल्ली में प्रदूषण को लेकर फिर से राजनीति शुरू हो गई है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस स्थिति के लिए एनसीआर को जिम्मेदार बताया है.

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दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दूसरे राज्यों पर लगाया आरोप (फाइल फोटो)
दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दूसरे राज्यों पर लगाया आरोप (फाइल फोटो)

Winter Action Plan: दिल्ली की हवा फिर से खराब होने लगी है. राजधनी में सामोवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI का स्तर 182 पर पहुंच गया था जो 'खराब' की श्रेणी से कुछ ही दूर है. इस बीच दिल्ली में सर्दी के मौसम में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए पर्यावरण विभाग ने 15 पॉइंट्स का एक्शन प्लान लागू करने का फैसला किया है. इस महीने के आखिरी हफ्ते में अरविंद केजरीवाल विंटर एक्शन प्लान की घोषणा करेंगे.

दिल्ली में प्रदूषण स्तर में हो रही बढ़ोतरी पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हम अपनी तरफ से प्रदूषण रोकने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन एनसीआर के हिस्से में जो प्रदूषण है, उसपर काबू करना जरूरी है. जैसे दिल्ली के हिस्से में हम प्रदूषण को काबू में कर रहे हैं, लेकिन आनंद विहार के उस पार यूपी के हिस्से में डीजल की बसें चल रही हैं. उसके कारण प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है.

69% प्रदूषण एनसीआर से आता है: गोपाल राय

पर्यावरण मंत्री ने केंद्र सरकार से प्रदूषण के मुद्दे पर समय न मिलने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पराली प्रदूषण, हरियाणा और उत्तर- पश्चिम से आने वाला प्रदूषण एक बड़ी समस्या है. दिल्ली का प्रदूषण 31% ही है, ज्यादातर प्रदूषण एनसीआर से आता है. कोशिश है कि केंद्र सरकार एनसीआर के प्रदूषण को कंट्रोल करने में मदद करे. हालांकि केंद्र सरकार से मामले में मिलने का समय मांगा लेकिन मिला नहीं.

पटाखों पर प्रतिबंध के बीच रामलीला आयोजन में रावण दहन के दौरान होने वाले पटाखों के प्रयोग पर गोपाल राय ने कहा कि पटाखों को लेकर पूरी दिल्ली के लोगों के लिए एक ही गाइडलाइन है. धार्मिक आयोजन आस्था और सादगी के साथ हमारे पूर्वज मनाते रहे हैं. उत्साह के लिए उसमें पटाखे जुड़े हैं, लेकिन हमें दिल्ली के लिए सोचना होगा कि हम अपने हिस्से का प्रदूषण कम करें.

आनंद विहार का AQI सबसे ज्यादा खराब

दिल्ली में सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI का स्तर 182 पर पहुंच गया. दिल्ली में तीन दिन पहले यानी 16 सितंबर को AQI का स्तर 47 पर था. सबसे खराब हालात आनंद विहार की रही. वहां AQI का स्तर 418 पर आ गया. शादीपुर में एयर क्वालिटी का स्तर 213 पर रहा. दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में AQI का स्तर 100 से ज्यादा ही रहा. 

कल तक खराब की श्रेणी में आ सकती है हवा

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हवा शांत है और इस वजह से सुबह के समय प्रदूषण बढ़ रहा है.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का अनुमान है कि मंगलवार को दिल्ली की हवा 'मध्यम से खराब' और बुधवार को 'खराब' की श्रेणी में पहुंच सकती है.

0 से 50 के बीच AQI यानी 'अच्छा' है स्तर

इसे एयर क्वालिटी इंडेक्स से मापा जाता है. जब AQI का स्तर 0 से 50 के बीच रहता है तो उसे 'अच्छा' माना जाता है. वहीं, 51 से 100 के बीच रहने पर 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच रहने पर 'गंभीर' माना जाता है.

जैसे-जैसे AQI का स्तर बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे सेहत पर इसका उल्टा असर भी पड़ने लगता है. मसलन, सोमवार को दिल्ली में AQI का स्तर 182 पर था. इस स्तर में अस्थमा या फेफड़े और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. वहीं, जब ये 'गंभीर' की श्रेणी में चला जाता है तो बीमारियों से जूझ रहे लोग ही नहीं, स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी आने लगती है.

 

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