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बिना विदेश गए मंकीपॉक्स कैसे हुआ? कुछ दिन पहले मनाली गया था दिल्ली में मिला मरीज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा करने वाली एक नई वैश्विक सार्वजनक स्वास्थ्य इमरजेंसी बताया है. मंकीपॉक्स वायरस प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर संक्रमित जानवरों से इंसानों में ट्रांसफर होता है. ये इंसान से इंसान के बीच भी संक्रमण फैला सकता है. ये संक्रमित त्वचा या लाइजंस के प्रत्यक्ष संपर्क से फैल सकता है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मरीज की सेहत में लगातार हो रहा सुधार
  • नई वर्ल्ड हेल्थ इमरजेंसी है मंकीपॉक्स

देश की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स वायरस का पहला केस सामने आया है. इसी के साथ देश में अब तक इस वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 4 हो गई है. दिल्ली में मिले पहले मरीज का लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है. चौंकाने वाली बात ये है कि इस मरीज की कोई विदेश यात्रा हिस्ट्री नहीं है, इसके बावजूद उसे वायरस ने घेर लिया है.

पश्चिमी दिल्ली के एक 34 साल के व्यक्ति को मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक इस व्यक्ति की कोई विदेश यात्रा हिस्ट्री नहीं है. हाल में उसने हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक स्टैग पार्टी की थी. उसे तीन दिन पहले ही दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश हॉस्पिटल लाया गया था. उसमें मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण देखे गए थे और अब उसका आईसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है.

मरीज की सेहत में सुधार

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना कि मरीज से जुटाए गए नमूने शनिवार को जांच के लिए पुणे के National Institute of Virology (NIV) भेज गए थे, जो अब पॉजिटिव आए हैं. मरीज की सेहत में सुधार हो रहा है. उसके करीबी संपर्कों की पहचान की जा रही है और मंत्रालय के दिशानिर्दशों के हिसाब से उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है.

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले LNJP अस्पताल में भर्ती हुए इस मरीज को बुखार था और स्किन में खरोच थी. ये ठीक वैसी ही थी जैसी मंकीपॉक्स का लिजन होता है. इसलिए मरीज का सैम्पल पुणे भेजा गया था जो आज पॉजिटिव पाया गया है. मरीज की हालत अब स्थिर है. उसकी पल्स रेट और ब्लड प्रेशर ठीक हैं और वह रिकवर कर रहा है. मरीज को 10 दिन पहले बुखार आया था और बुखार के 5 दिन बाद स्किन में खरोच नजर आई थी.

नई वर्ल्ड हेल्थ इमरजेंसी है मंकीपॉक्स

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को मंकीपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा करने वाली एक नई वैश्विक सार्वजनक स्वास्थ्य इमरजेंसी बताया है. मंकीपॉक्स वायरस प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर संक्रमित जानवरों से इंसानों में ट्रांसफर होता है. ये इंसान से इंसान के बीच भी संक्रमण फैला सकता है. ये संक्रमित त्वचा या लाइजंस के प्रत्यक्ष संपर्क से फैल सकता है. इसमें आमने-सामने, त्वचा से त्वचा और श्वास बूंदों से संक्रमण होना शामिल है.  मंकीपॉक्स के दुनिया के 75 देशों में अभी तक 16,000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. वहीं अभी तक इस वायरस से 5 लोगों की मौत हो चुकी है.  दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र में भारत के अलावा अभी मंकीपॉक्स का एक मामला थाईलैंड में सामने आया है. 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कसी कमर

पिछले हफ्ते ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत के एयरपोर्ट और पोर्ट पर आने वाले ट्रैवलर्स की स्क्रीनिंग प्रोसेस की समीक्षा की थी. एयरपोर्ट और पोर्ट हेल्थ ऑफिसर्स के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के क्षेत्रीय निदेशकों को सभी इंटरनेशनल ट्रैवलर्स की कड़ी स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि देश में मंकीपॉक्स के आने के खतरे को कम से कम किया जा सके. 

WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोसिस है. इसके लक्षण पूर्व के स्मॉलपॉक्स मरीजों की तरह दिखते हैं, हालांकि ये कम घातक है. मंकीपॉक्स के मरीज को बुखार, शरीर पर रैशेज हो सकते हैं. 

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