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दिल्ली में चला MCD का बुलडोजर, ITO में दशकों पुरानी बिल्डिंग जमींदोज, लोग बोले- नहीं मिला कोई नोटिस

दिल्ली के आईटीओ एरिया में एमसीडी ने बुलडोजर की कार्रवाई की है. लोगों का आरोप है कि दशकों पुरानी बिल्डिंग को अतिक्रमण बताकर उन्हें जमींदोज कर दिया गया है. इसके लिए उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है.

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दिल्ली में बुलडोजर की कार्रवाई (फाइल फोटो) दिल्ली में बुलडोजर की कार्रवाई (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आईटीओ में पुरानी बिल्डिंग जमींदोज
  • बिना नोटिस कार्रवाई करने का आरोप

दिल्ली में एक बार एमसीडी का बुलडोडर चला है. आईटीओ में पुराने पुलिस हेडक्वार्टर के पीछे और कब्रिस्तान से सटे पक्के निर्माण पर ये कार्रवाई हुई है. यहां करीब 40 साल से अनिल की 2 फ्लोर की दुकान थी, लेकिन अब टूट गई है. अनिल का दावा है कि इससे संबंधित मामला हाई कोर्ट में  पेंडिंग है और सुप्रीम कोर्ट की छुट्टी होने की वजह से हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं. 

यहां रहने वाले राजिंदर यादव की 5 बेटियां हैं और चाय की दुकान के सहारे ही उनको पाल रहे थे लेकिन अब दुकान टूटने पर उन्हें बेटियो की चिंता सताने लगी है. सफीक खान ने कहा कि सरकार ने गरीबी हटाने की बात कही थी जबकि अब सीधे गरीबों को ही हटाने का काम कर रही है. 

ये अकेले राजिंदर, अनिल और सफीक की ही कहानी नहीं है. सैकड़ों परमामनेट स्ट्रक्चर को एमसीडी ने जमींदोज कर दिया ये कई दशकों से बने हुए थे. एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर डिमोलिशन ड्राइव चलाई जा रही है. दिल्ली नगर निगम के अधिकारी बुधवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान में बुलडोजर और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ पहुंचे. मौके पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि करीब 50 अवैध ढांचों को हटाया जाना है और अभियान गुरुवार को भी जारी रह सकता है. मौके पर मौजूद पीड़ितों से अलग अधिकारियों ने कहा कि तोड़ने से पहले नोटिस दिया गया था. 

अस्थायी और स्थायी अवैध ढांचों, खोखे, झोंपड़ियों को ध्वस्त करने का अभियान आईटीओ कब्रिस्तान की से सटे पीछे की गलियों में चलाया जा रहा है. एमसीडी ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर अभियान के लिए पहले से पर्याप्त पुलिस तैनाती की मांग की है. एमसीडी के कार्यकारी अभियंता (मध्य क्षेत्र) द्वारा दिल्ली पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए एक समाचार पत्र के भवन के पीछे सार्वजनिक सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की योजना बनाई है. 

अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमणकारियों को अपना स्वामित्व साबित करने के लिए अपने दस्तावेज दिखाने का अवसर दिया गया, लेकिन उनमें से कोई भी दस्तावेज जमा नहीं कर सका. इसलिए 22 और 23 जून 2022 के लिए एक अतिक्रमण हटाने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है. यह अनुरोध है कि कृपया कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला पुलिस के साथ पर्याप्त पुलिस बल प्रदान करें. बता दें कि मई में जहांगीरपुरी, शाहीन बाग, मदनपुर खादर, लोधी कॉलोनी, तिलक नगर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था. 

 

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