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दिल्ली: फेल छात्रों के लिए अच्छी खबर, HC ने लगाई सरकार के सर्कुलर पर रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें कहा गया था कि 9 से 12 कक्षा में दो बार फेल होने वाले छात्रों को दोबारा एडमिशन नहीं दिया जाएगा.

दिल्ली हाई कोर्ट (फाइल फोटो) दिल्ली हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

  • दिल्ली हाई कोर्ट से केजरीवाल सरकार को झटका
  • दो बार फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से निकालने पर मांगा जवाब

9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा के बीच पढ़ने वाले उन छात्रों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से कुछ उम्मीद जगी है जो दो बार फेल होने के बाद सरकारी स्कूल से निकाल दिए गए हैं. दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें कहा गया था कि 9 से 12 कक्षा में दो बार फेल होने वाले छात्रों को दोबारा एडमिशन नहीं दिया जाएगा.

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर कहा कि दिसंबर में होने वाली सुनवाई से पहले सरकार इस मामले में अपना जवाब दाखिल करे. हाई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को करेगा और इस सुनवाई में दिल्ली सरकार को यह बताना होगा कि इस तरह का सर्कुलर सरकार की तरफ से क्यों जारी किया गया और इस सर्कुलर के जारी होने के बाद कितने हजार बच्चों को दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सरकारी स्कूलों से निकाल दिया गया है.

दिल्ली सरकार ने 27 अगस्त 2018 को सर्कुलर जारी किया था जिसमें कहा गया था कि दो बार फेल बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिला नहीं दिया जाएगा. इस सर्कुलर के बाद हजारों बच्चों को दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सरकारी स्कूलों से निकाल दिया गया.

ऐसे ही विवेक बिहार के 2 बच्चों ने दिल्ली सरकार के सर्कुलर को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. इन दोनों बच्चों को दो बार फेल होने के बाद सरकारी स्कूल से निकाल दिया गया था.

कोर्ट ने न सिर्फ सर्कुलर पर रोक लगाई है बल्कि इन दोनों बच्चों को तुरंत प्रभाव से स्कूल में दोबारा दाखिला देने का निर्देश भी दिया है, इस सर्कुलर पर दिल्ली हाई कोर्ट के रोक लगाने के बाद बाकी के उन बच्चों के लिए भी उम्मीद की किरण जागी है जिन्हें दो बार फेल होने के बाद सरकारी स्कूल से निकाल दिया गया है.

दिल्ली सरकार अपनी 5 साल की बड़ी उपलब्धियों में शिक्षा में सुधार को भी गिनाती है. सरकार का दावा रहा है कि उसने स्कूलों की कायाकल्प करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. लेकिन दूसरी तरफ कमजोर बच्चों को शिक्षा से दूर रखने के लिए जारी किए गए इस सर्कुलर को लेकर जब याचिका हाई कोर्ट तक पहुंची तो सरकार को अब कोर्ट को यह भी बताना पड़ेगा के स्कूलों से निकालने के बाद इन कमजोर बच्चों के लिए सरकार के पास विकल्प क्या हैं.

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