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झुग्गी वालों को पक्के मकान का प्लान, दिल्ली सरकार ने लिखा रेल मंत्री को पत्र

सत्येंद्र जैन ने पत्र में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे लाइन के आसपास की करीब 48 हजार झुग्गियां हटाने के आदेश दिए हैं. हमारा मानना है कि कोरोना की इस महामारी के दौरान इन्हें हटाना ठीक नहीं रहेगा. जब तक कोरोना की महामारी है, तब तक इन्हें न हटाया जाए.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ पॉलिसी के तहत हो काम- जैन
  • सत्येंद्र जैन ने रेलवे मंत्री गोयल को लिखा है पत्र

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में करीब 48 हजार झुग्गियों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का मकान देने के लिए विस्तृत योजना बनाने के संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है. सत्येंद्र जैन ने पत्र में कहा है कि ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ पॉलिसी के तहत झुग्गी में रहने वाले लोगों को आसपास बसाने के लिए सभी सरकारी एजेंसियों के सहयोग की जरूरत पड़ेगी. इसके लिए विस्तृत योजना बनानी होगी और अगर रेल मंत्रालय चाहे, तो दिल्ली सरकार यह योजना बनाकर दे सकती है.

सत्येंद्र जैन ने पत्र में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे लाइन के आसपास की करीब 48 हजार झुग्गियां हटाने के आदेश दिए हैं. हमारा मानना है कि कोरोना की इस महामारी के दौरान इन्हें हटाना ठीक नहीं रहेगा. जब तक कोरोना की महामारी है, तब तक इन्हें न हटाया जाए. इन्हें जब भी हटाया जाता है, हर झुग्गीवासी को पक्के मकान दिए बिना नहीं हटाया जा सकता है. इस बारे में कानून बिल्कुल साफ है. यह इनका कानूनी अधिकार भी है. इसलिए पहले इन्हें पक्का मकान दिए जाएं, इन्हें इनके नए मकान में शिफ्ट किया जाए और उसके बाद ही इनकी झुग्गियां हटाई जाएं. 

सत्येंद्र जैन ने अपने पत्र में आगे कहा है कि ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ यह वादा आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों ने ही किया है. यही नहीं, माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश पर दिल्ली सरकार ने इस बारे में पॉलिसी बनाकर इन गरीबों का कानूनी अधिकार बना दिया है कि उन्हें पक्का मकान उनकी झुग्गियों के आसपास ही दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक और केस में हलफनामा दाखिल करके दिल्ली सरकार की इस पॉलिसी को भी स्वीकार किया है.

सत्येंद्र जैन ने कहा है कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए अब हम सबको मिलकर हर झुग्गी बस्ती के लिए उसके आसपास कोई जमीन ढूंढनी होगी, जहां इनके लिए पक्के मकान बनाए जा सकें. इसमें सभी सरकारी एजेंसियों के सहयोग की जरूरत होगी, जिस एजेंसी की जमीन होगी, उसके सहयोग की जरूरत पड़ेगी. दिल्ली सरकार इसमें पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार है. हर झुग्गी बस्ती को आसपास कहां बसाया जाए, इसके लिए विस्तृत योजना बनानी होगी. यह योजना बनाने में हम आपका पूरा सहयोग करेंगे. यदि आप चाहें, तो दिल्ली सरकार यह योजना बनाकर आपको दे सकती है.

उन्होंने पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार के भी 40 हजार से अधिक फ्लैट हैं. इनमें से कुछ बनकर तैयार हैं और कुछ जल्द बन कर तैयार हो जाएंगे. जरूरत पड़ने पर इन फ्लैट्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस बारे में दिल्ली सरकार ने पिछले हफ्ते रेलवे को पत्र भी लिखा था, लेकिन ये फ्लैट दिल्ली के बाहरी इलाकों में हैं. इन फ्लैट्स को उन झुग्गी वासियों को दिया जा सकता है, जिनके आसपास कहीं भी खाली जमीन न हो और उन्हें ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ पॉलिसी के तहत मकान देना संभव नहीं हो. केंद्र सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और रेलवे मिल कर इसकी जल्द ही योजना तैयार करेंगे.

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