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दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर, घाट के नजदीक घरों में घुसा पानी

यमुना किनारे रह रहे लोग बाढ़ के पानी से बचने के लिए खास इंतजाम करते हैं. दिन ही नहीं बल्कि रात में भी घाट किनारे घरों में रहने वाली युवाओं की एक टीम मोबाइल फोन के जरिए एक दूसरे को अलर्ट करते रहते हैं.

दिल्ली में बाढ़ का खतरा! दिल्ली में बाढ़ का खतरा!

यमुना के लगातार बढ़ते जल स्तर की वजह से दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. सोमवार की दोपहर तक कश्मीरी गेट के यमुना बाजार में रहने वाले लोग सरकारी टेंट में जाने की तैयारी कर रहे हैं. नदी से सटे इलाकों में बने कुछ घर पानी में डूब गए हैं, इन घरों में रहने वाले बच्चे और बड़े अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर आ गए हैं.

'आजतक' की टीम ने यमुना नदी से सटे इलाकों का जायजा लिया. यमुना किनारे रहने वाले विनोद ने बताया कि पिछली रात उनका घर यमुना नदी के पानी में डूब गया. विनोद के 2 बच्चे हैं. विनोद अपने घर का सामान लेकर जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे हैं.

यमुना किनारे बने घरों में बाढ़ के पानी से बचने के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं. दिन ही नहीं बल्कि रात में भी घाट किनारे घरों में रहने वाली युवाओं की एक टीम मोबाइल फोन के जरिए एक दूसरे को अलर्ट करते हैं.

कई सालों से यहां रह रहे आशीष बताते हैं कि 'पानी जब बढ़ता है तो सभी अलर्ट हो जाते हैं. प्रशासन की तरफ से लगातार चेतावनी दी जाती है. रात के समय सभी एक दूसरे से मोबाइल पर अपडेट लेते रहते हैं कि कहीं पानी बढ़ तो नही रहा है. अगर तेजी से यमुना का पानी बढ़ता है तो जल्दी से जल्दी एक दूसरे की मदद से घर खाली करते हैं और छत या सुरक्षित स्थान पर चले जाते हैं.'

इसके अलावा कश्मीरी गेट के नजदीक यमुना नदी से सटे इलाके में फूलों का व्यापार करने वाला एक बड़ा वर्ग रहता है. जैसे-जैसे यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता है फूलों के व्यापार में कमी आने लगती है. फूलों का व्यापार करने वाले शीतल बताते हैं कि 'जलस्तर बढ़ने पर हम टेंट में चले जाते हैं. पानी आने की वजह से कई दिनों तक काम रुक जाता है. फिलहाल जल्द से जल्द फूलों को सप्लाई पर ध्यान दिया जा रहा है. करीब 8 फीट तक पानी पहुंच जाता है इसलिए घर का ज़रूरी समान पैक रहता है.'

आपको बता दें कि प्रशासन द्वारा लगातार निचले इलाकों में लोगों को नदी से दूर जाने की चेतावनी दी जा रही है. यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन द्वारा टेंट लगाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है.

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