scorecardresearch
 

दिल्ली का वो ऑफिस जहां बनी राम मंदिर की योजना, अशोक सिंघल यहीं करते थे मीटिंग

अयोध्या की चमक-दमक से दूर आर.के पुरम में विश्व हिंदू परिषद का दफ्तर यूं तो सामान्य से भी कम चहल-पहल वाला दिखता है. लेकिन आज तक ने वहां जाकर न सिर्फ माहौल को परखने की कोशिश की बल्कि उन ऐतिहासिक पन्नों को भी पलटा जो राम मंदिर आंदोलन से कहीं ना कहीं बहुत करीब से जुड़े हुए हैं.

वीएचपी कार्यालय में मंदिर (फोटो- कुमार कुणाल) वीएचपी कार्यालय में मंदिर (फोटो- कुमार कुणाल)

  • दिल्ली के आरके पुरम में VHP कार्यालय में खुशी का माहौल
  • पूरा आंदोलन 80 के दशक के मध्य में शुरू हुआ था- कोटेश्वर जी

जब सारा ध्यान अयोध्या की ओर केंद्रित है और वहां पर राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं तब दिल्ली के आर.के पुरम में एक दफ्तर ऐसा भी है जो इस पूरे इतिहास से जुड़ने को तैयार है. वह दफ्तर जहां राम मंदिर से जुड़ी तमाम योजनाओं को बनाया गया और न सिर्फ योजनाएं बनीं बल्कि आंदोलन का स्वरूप कैसा होगा उसको भी प्रमुख रूप से इसी दफ्तर में निर्धारित किया गया.

अयोध्या की चमक-दमक से दूर आर.के पुरम में विश्व हिंदू परिषद का दफ्तर यूं तो सामान्य से भी कम चहल-पहल वाला दिखता है. लेकिन आज तक ने वहां जाकर न सिर्फ माहौल को परखने की कोशिश की बल्कि उन ऐतिहासिक पन्नों को भी पलटा जो राम मंदिर आंदोलन से कहीं ना कहीं बहुत करीब से जुड़े हुए हैं.

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय सह-सचिव कोटेश्वर जी ने आजतक को बताया कि यह पूरा आंदोलन 80 के दशक के मध्य में शुरू हुआ था. तब आंदोलन की कमान संभाली थी उस वक्त विश्व हिंदू परिषद के मुखिया अशोक सिंघल ने. कोटेश्वर जी बताते हैं कि सबसे पहले अशोक सिंघल देवराहा बाबा से मिलने के लिए गए थे ताकि एक विस्तृत आंदोलन की भूमिका तैयार की जा सके. और वहीं से राम जन्मभूमि को लेकर एक बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी की गई.

इन तस्वीरों में देखें कितना भव्य होगा अयोध्या का राम मंदिर

कोटेश्वर जी यह भी बताते हैं कि अशोक सिंघल की भूमिका हमेशा एक गार्जियन के तौर पर रही और तमाम देश भर के साधु-संतों के साथ में मिलकर लगातार योजनाएं बनाते, बातचीत करते और उनको किस तरीके से पूर्ण रूप देना है उस पर भी लगातार विचार-विमर्श होता.

अशोक सिंघल का कमरा पहली मंजिल पर मौजूद

आज भी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्यालय में अशोक सिंघल का कमरा पहली मंजिल पर जस का तस बना हुआ है. परिषद से जुड़े हुए तमाम लोग यह बताते हैं कि अशोक सिंघल राम मंदिर आंदोलन के मुख्य कर्ताधर्ता रहे और उन्होंने ही इसकी रूपरेखा तैयार की.

5100 कलश-रामधुन में मग्न अयोध्या, ग्राउंड पर देखिए कैसी चल रही भूमिपूजन की तैयारी

हमारी टीम ने अशोक सिंघल के कमरे में जाकर वहां पर व्यवस्था देखी जहां पर आज भी एक चौकी पड़ी हुई है और साथ में ही वहां एक उनका अपना छोटा सा मंदिर भी मौजूद है. इस कमरे के साथ में ही है एक ध्यान कक्ष के साथ-साथ साधु संतों के साथ चर्चाएं और छोटी-मोटी मीटिंग करने की जगह. वहीं निचले तल पर एक बड़ा सभाकक्ष भी है जहां पर राम जन्मभूमि को लेकर बड़ी मीटिंग हुआ करती थी और तमाम देश भर से आए साधु संत मिलकर आंदोलन की रूपरेखा तय करते थे उस बड़े सभागार में आज भी रामचंद्र जी से जुड़ी हुई तमाम जानकारियां मौजूद हैं.

अयोध्या में जिस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे तब विश्व हिंदू परिषद के इस दफ्तर में भी एक बड़े यज्ञ का आयोजन किया जाएगा. साथ ही साथ इस दफ्तर में रहने वाले तमाम लोग अयोध्या के कार्यक्रम को भी लाइव देख पाएंगे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें