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JNU के आंदोलन से अलग हुआ ABVP, इन मांगों पर छोड़ा लेफ्ट का साथ

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जेएनयू में फीस वृद्धि का जो मुद्दा है वह बरकरार रहेगा, लेकिन इनका आंदोलन अलग रूप में चलेगा. हालांकि लेफ्ट छात्रों के साथ अब आंदोलन नहीं करेंगे.

JNU में जारी है छात्रों का प्रदर्शन (फोटो-ट्विटर) JNU में जारी है छात्रों का प्रदर्शन (फोटो-ट्विटर)

  • ABVP ने खुद को लेफ्ट के आंदोलन से अलग किया
  • 'आंदोलन का राजनीतिकरण करने में लगा है लेफ्ट'

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हॉस्टल फीस में भारी इजाफा के चलते जेएनयू प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव कई दिनों से जारी है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस आंदोलन से अपने आपको अलग कर लिया है. वहीं जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना है कि फीस वृद्धि का जो मुद्दा है वह बरकरार रहेगा, लेकिन इनका आंदोलन अलग रूप में चलेगा. हालांकि लेफ्ट छात्रों के साथ अब आंदोलन नहीं करेंगे.

लेफ्ट छात्रों के साथ आंदोलन नहीं करने के फैसले पर एबीवीपी ने कहा कि हमने आंदोलन में उसका साथ दिया, लेकिन बावजूद इसके वे संघ और एबीवीपी के खिलाफ लगातार प्रचार कर रहे हैं और इस आंदोलन को छात्र मुद्दों से हटाकर इसका राजनीतिकरण करने में लगे हैं.

नेत्रहीन छात्रों का प्रदर्शन

दूसरी ओर, हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ छात्र सड़क पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. सड़क पर प्रदर्शन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेएनयू प्रशासन पर बरसने के बाद छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए हैं तो जेएनयू के नेत्रहीन छात्र आज बुधवार को दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

हालांकि दिल्ली पुलिस मुख्यालय की तरफ बढ़ रहे इन नेत्रहीन छात्रों को पुलिस ने वसंत विहार के पास ही रोक दिया. यहां से पुलिस इन छात्रों को वैन में भरकर वसंत कुंज पुलिस स्टेशन ले गई. हालांकि, बाद में बस को दिल्ली पुलिस के ITO वाले मुख्यालय ले गई.

लेफ्ट मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहीः ABVP

लेफ्ट के साथ आंदोलन नहीं करने को लेकर एबीवीपी ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दों से हटकर अब लेफ्ट के लोग मोदी सरकार पर नारे लगाने लगी है. यहां तक बाबरी मस्जिद और अनुच्छेद 370 पर नारे लगा रहे हैं.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि लेफ्ट यूनिटी का आंदोलन को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं था. पुलिस की कार्रवाई से छात्रों को बचाने के लिए कोई ठोस रणनीति या सावधानी नहीं बरती गई. साथ ही परिषद ने आरोप लगाया कि लेफ्ट यूनिटी ने कभी भी एबीवीपी के संघर्ष और प्रयासों को सराहना नहीं की.

JNU में क्यों हो रहा हंगामा

जेएनयू में पिछले कई दिनों से हंगामा हो रहा है. इसकी मुख्य वजह फीस में बढ़ोतरी है. पहले जेएनयू हॉस्टल में जहां सिंगल सीटर रूम का किराया 20 रुपये था, लेकिन अब उसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया था, लेकिन, विरोध के बाद अब इसे कम कर 300 रुपये कर दिया गया, और यह पहले की फीस की तुलना में 15 गुना ज्यादा है.

जेएनयू हॉस्टल के डबल सिटर रूम का किराया पहले 10 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था, लेकिन विरोध के बाद इसमें भी कटौती कर 150 रुपया कर दिया गया.

इसी तरह जेएनयू में वन टाइम मेस सिक्योरिटी फीस 500 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया था. लेकिन, विरोध के बाद इसे फिर 500 कर दिया गया. हालांकि पहले हॉस्टल में रहने वालों को बिजली और पानी के कोई पैसे नहीं देने पड़ते थे, लेकिन, नए प्रावधान में पैसे देने होंगे.

इसके अलावा छात्रों से अब तक सर्विस चार्ज नहीं ली जाती थी, लेकिन अब बढ़ाकर 1700 रुपये या इस्तेमाल के मुताबिक कर दिया गया है. लेकिन, अब बिल का 50% सर्विस चार्ज छात्रों को देना होगा. पहले छात्रों से यूटिलिटी चार्ज के तौर पर पैसे नहीं लिए जाते थे, लेकिन अब छात्रों को बिल की 50 फीसदी फीस भरनी होगी. छात्रों की मांग है कि फीस की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए.

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