scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़ः कौन है सोफिया जिसने 55 जवानों की बचाई जान, बनी ITBP की हीरो

एसओपी के अनुसार मेलिनोइस डॉग सोफिया 55 जवानों की सुरक्षा में मददगार साबित हो रही है. सोफिया की देखभाल की जिम्मेदारी कॉन्स्टबेल कैलाश सिंह के हाथों में है. वही उसके हैंडलर हैं.

सोफिया IED खोजकर हीरो बनी (फोटो-कमलजीत) सोफिया IED खोजकर हीरो बनी (फोटो-कमलजीत)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • छत्तीसगढ़ के जंगलों में खोज निकाला IED
  • सोफिया को विस्फोटक खोजने की मिली ट्रेनिंग
  • मेलिनोइस डॉग सोफिया सुरक्षाबलों की मददगार बनी

एक कुत्ता आदमी का सबसे अच्छा दोस्त होता है लेकिन प्रशिक्षित कुत्ता जब आदमी संघर्ष वाले इलाके में फंसता है तो उसे उबारने में भी मददगार साबित होता है. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बकर कट्टा इलाके में सोफिया IED खोजकर हीरो बन गई है.  

असिस्टेंट कमांडेंट ऋषिपाल सिंह और 40 बटालियन आईटीबीपी के 55 जवानों ने बकरकट्टा में कंपनी ऑपरेटिंग बेस से रविवार सुबह 5 बजे एक एरिया डोमिनेशन पेट्रोल (ADP) लॉन्च किया था.

एसओपी के अनुसार मेलिनोइस डॉग सोफिया 55 जवानों की सुरक्षा में मददगार साबित हो रही है. सोफिया की देखभाल की जिम्मेदारी कॉन्स्टबेल कैलाश सिंह के हाथों में है. वही उसके हैंडलर हैं.

स्निफर डॉग सोफिया ने खोज निकाला आईईडी

बहरहाल, जब से स्टार्ट प्वॉइंट से 13 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद दल घने पंडरीपानी के जंगलों में दाखिल हुआ तो आईटीबीपी की सेफगार्ड बनी सोफिया विस्फोटक को सूंघने में कामयाब रही. IED का पता चलते ही सोफिया वहां सुरक्षा दस्ते और एक पेड़ के बीच दीवार की तरह खड़ी हो गई. अफसर समझ गए कि जिसके लिए सोफिया को ट्रेनिंग दी गई उस काम को वह बखूबी कर रही है. सोफिया लोगों की जिंदगी बचा रही है.

इसके बाद उस इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और आईटीबीपी के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया. बोल्ड और सुंदर सोफिया ने छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में पेड़ के पास विस्फोटक की मौजूदगी की पुष्टि की. ऑपरेशन पार्टी द्वारा गहन खोज के बाद सुबह 9.45 बजे नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को बरामद कर लिया गया. 


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें