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'कब खुलेगी यूनिवर्सिटी?', पूछकर तिलकामांझी विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर पर छात्र नेता ने फेंकी स्याही

तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में स्थायी कुलपति की मांग और विश्वविद्यालय खुलवाने की बात करने के लिए अंग क्रांति सेना और अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक प्रो-वाइस चांसलर के पास गए. वार्ता विफल होने के बाद अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक बमबम प्रीत ने उन पर स्याही फेंक दी.

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प्रो-वीसी से बातचीत के बाद फेंकी स्याही.
प्रो-वीसी से बातचीत के बाद फेंकी स्याही.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • TMBU के प्रो-वीसी पर छात्र नेता ने स्याही फेंकी
  • 8 दिनों से बंद है ​​​​​​​तिलकामांझी विश्वविद्यालय
  • खुलवाने को लेकर बात करने गए थे सभी

बिहार में भागलपुर के तिलकामांझी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रमेश कुमार पर स्याही फेंकी गई. बातचीत के दौरान अंग क्रांति सेना और अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक द्वारा प्रो-वाइस चांसलर पर स्याही फेंकी गई. दरअसल, तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में पिछले आठ दिनों से छात्र राजद के द्वारा विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति की मांग को लेकर तालाबंदी की गई है.

रविवार को अंग क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिशिर रंजन और अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक बमबम प्रीत प्रो-वाइस चांसलर से विश्वविद्यालय बंदी का कोई हल निकालने और विश्वविद्यालय को खुलवाने को लेकर वार्ता करने गए थे. वार्ता विफल होने के बाद बमबम प्रीत ने प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रमेश कुमार पर स्याही फेंक दी.

कई वर्षों से विश्वविद्यालय के कुलपति की मौजूदगी नहीं रहने को लेकर छात्र परेशान हैं. साथ ही परीक्षा में हो रही देरी से भी छात्रों में रोष व्याप्त है. उधर, घटना के बाद प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रमेश कुमार ने आरोपी छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही है.

प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रमेश कुमार ने बताया, 'मुझसे बातचीत करने दो छात्र आए थे. स्थाई कुलपति की मांग को लेकर वार्ता हो रही थी. मैंने उन्हें बताया कि सब काम राज्यपाल करते हैं. इसमें हमलोग कुछ नहीं कर सकते. साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय खुलवाने को लेकर भी कहा. मैंने बोला कि दो दिन में बंदी खत्म करवा दी जाएगी. हम भी जानते हैं कि बंदी की वजह से छात्रों को काफी परेशानी हो रही है. उनकी परीक्षा भी करवानी है. इसी बीच उनमें से एक लड़का उठा जो अपने साथ स्याही लेकर आया था. उसने मेरे ऊपर स्याही फेंक दी. फिर वहां से चले गए.'

(भागलपुर से राजीव सिद्धार्थ की रिपोर्ट)

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