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'लालू यादव ने लोगों को आवाज तो दी, लेकिन उन्हें शिक्षा नहीं दी', जन सुराज पदयात्रा में बोले प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि दूसरे राज्यों में लोग 'बिहारी' मतलब अनपढ़, बेवकूफ जैसे शब्दों को व्यंगात्मक तरीके से बोलते हैं. आप जिस मिट्टी में पैदा हुए हैं, उसका गौरव करना सीखिए. बिहार गौरव की भूमि रही है. देवताओं को भी यहां आकर ज्ञान मिला है और हमारे यहां का युवा बल दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहा है.

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प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर निशाना साधा
प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर निशाना साधा

बिहार में जन सुराज पदयात्रा के 50वें दिन प्रशांत किशोर ने लालू यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लालू जी ने सामाजिक न्याय के नाम पर समाज को आवाज तो दी, लेकिन उन्हें शिक्षा नहीं दी. उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को जो भूमि सुधार करके लोगों को जमीन का मालिकाना दिया जाना चाहिए था, वह भी धरातल पर नहीं दिया गया. जिस समाज को लालू जी ने आवाज दी वह उनके समर्थन में नारे तो लगा सकते हैं, लेकिन उनकी बराबरी में कभी बैठ नहीं सकते.

उन्होंने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी जी का काम बिहार के विकास के बिना चल सकता है, लेकिन आपका और हमारा भविष्य इसी राज्य के विकास से जुड़ा हुआ है. पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर में प्रशांत किशोर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा,"मोदी जी का काम बिहार के विकास के बिना चल सकता है, लेकिन आपका और हमारा भविष्य इसी राज्य के विकास से जुड़ा हुआ है."

आगे उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में लोग 'बिहारी' मतलब अनपढ़, बेवकूफ जैसे शब्दों को व्यंगात्मक तरीके से बोलते हैं. आप जिस मिट्टी में पैदा हुए हैं, उसका गौरव करना सीखिए. बिहार गौरव की भूमि रही है. देवताओं को भी यहां आकर ज्ञान मिला है और हमारे यहां का युवा बल दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहा है.

बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में संभावना तलाशे की कोशिश में जुटे हैं. हाल ही में उन्होंने राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए बेतिया के एम जे के कॉलेज में जिला अधिवेशन का आयोजन भी किया था. इसमें पश्चिम चंपारण जिले के 18 प्रखंडों के हजारों लोग शामिल हुए. इस अधिवेशन में जन सुराज के पार्टी बनने पर आम सभा के दौरान वोटिंग हुई और सभी के सामने वोटों की गिनती भी हुई. दावा है कि मतदान का नतीजा लगभग एकतरफा रहा. इस मतदान में कुल 2887 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 2808 लोगों ने जन सुराज अभियान को एक राजनीतिक दल बनने के पक्ष में वोट दिया. सिर्फ 89 लोगों ने राजनीतिक दल बनाने का विरोध किया.

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