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पटना टेरर मॉड्यूल: दरभंगा में लहराए गए PFI के झंडे, पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

दरभंगा में पीएफआई के खिलाफ एक्शन के विरोध में शहर में जुलूस निकाला गया और पीएफआई के झंडे लहराए गए. पीएफआई के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पटना पुलिस झूठी और मनगढ़ंत कहानी के आधार पर उनके संगठन को बदनाम करने की कोशिश कर रही है.

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दरभंगा में PFI के लोगों ने निकाला जुलूस.
दरभंगा में PFI के लोगों ने निकाला जुलूस.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएफआई के खिलाफ एक्शन के विरोध में निकाला जुलूस
  • पीएफआई के लोगों ने शहर में लहराए पीएफआई के झंडे
  • अब तक 6 संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस

बिहार के दरभंगा में फुलवारी शरीफ पीएफआई नेटवर्क के खुलासे के बाद पुलिस लगातार इस नेटवर्क से जुड़े 26 संदिग्धों की तलाश कर रही है. इस मामले में पुलिस ने अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं 20 अन्य के लिए लगातार बिहार और देश के अन्य राज्यों में छापेमारी चल रही है.

इसी कड़ी में पीएफआई के खिलाफ एक्शन के विरोध में दरभंगा में रविवार को पीएफआई के लोगों ने शहर में जुलूस निकाला और पीएफआई के झंडे लहराए. पीएफआई के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पटना पुलिस झूठी और मनगढ़ंत कहानी के आधार पर उनके संगठन को बदनाम करने की कोशिश कर रही है.

पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 11 जुलाई अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया. फिर 3 दिनों के बाद दोनों को आतंकवाद से जोड़ दिया.

महबूब आलम ने कहा कि अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन पीएफआई के सदस्य नहीं हैं. बल्कि, दोनों एसडीपीआई के सदस्य हैं. मोहम्मद आलम ने कहा कि पीएफआई पर जो हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने का आरोप लगा है वह राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है.

आलम ने कहा कि पीएफआई पटना में सेव द रिपब्लिक- गणतंत्र बचाओ विषय पर श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही थी. इसी को प्रभावित करने के लिए पटना पुलिस ने पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई की है.

पीएफआई ने पुलिस की इस थ्योरी को खारिज किया कि उनका संगठन 2047 तक देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहता है. पीएफआई के तरफ से आरोप लगाया गया है कि उनके खिलाफ जो भी षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह नीतीश कुमार सरकार पर बीजेपी के दबाव की वजह से है.

पीएफआई ने अपील की है कि बिहार के सभी राजनीतिक दल, समाज सेवी संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता बिहार सरकार और पटना पुलिस की मुसलमानों को निशाना बनाकर किए जा रहे कार्रवाई का विरोध करें.

क्या है मामला?
बता दें, फुलवारी शरीफ के एएसपी मनीष कुमार ने बताया था कि पटना में पिछले 18 दिन से इलाके में कुछ अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल रही थी, जिसकी जांच के बाद छापेमारी की गई. इसमें पता चला कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की आड़ में मार्शल आर्ट सिखाने के बहाने हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी. देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त 6 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. पिछले दो महीने से आरोपियों के पास दूसरे राज्यों के लोग आ रहे थे. आने वाले लोग टिकट और होटलों में बुकिंग नाम बदलकर करते थे.

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