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पटना टेरर मॉड्यूल: आरोपियों की गिरफ्तारी से बिगड़ गया PFI का गेम, आखिर क्या थी साजिश?

पटना टेरर मॉड्यूल की जांच में पता चला कि रियाज आलम पीएफआई का एक्टिव मेंबर है. पूर्वी चंपारण के चकिया का रहने वाले रियाज कतर भी चुका है. अभी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

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मो. जलालुद्दीन और अतहर परवेज (फाइल फोटो) मो. जलालुद्दीन और अतहर परवेज (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पटना टेरर मॉड्यूल केस में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग
  • आरोपियों की गिरफ्तारी से PFI की साजिश हुई नाकाम

पटना टेरर मॉड्यूल केस में पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना यात्रा (12 जुलाई) के लिए खास प्लानिंग कर रखी थी, लेकिन 11 जुलााई को पटना के फुलवारी शरीफ में दो संदिग्धों के पकड़े जाने से योजना फेल हो गई. फुलवारी शरीफ मामले में अब तक 5 लोगों को अरेस्ट किया गया है. पुलिस ने आरोपी अतहर परवेज और अरमान मल्लिक को 48 घंटे रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की. इसके बाद पुलिस को पीएफआई की कथित साजिश का पता चला.

इस मामले की जांच कर रही टीम के सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी की यात्रा के दौरान पीएफआई के सदस्य केवल विरोध प्रदर्शन करने वाले नहीं थे. उनकी मंशा कुछ और भी थी. यह साफ नहीं हो पाया कि पीएफआई की मोदी की यात्रा को लेकर पूरी प्लानिंग किस तरह की थी. आरोपियों की रिमांड के दौरान पूछताछ से पता चला कि ये सारी तैयारी नूपुर शर्मा के बयान का विरोध करने के लिए की जा रही थी.

आरोपियों से पूछताछ में ये भी पता चला कि इनकी फंडिंग कहां से होती है. नूपुर शर्मा के बयान का कतर ने मुखर विरोध किया था. कतर के रुसर्फेल संस्था से पीएफआई को फंडिंग होती है. जांच में ये भी पता चला कि रियाज आलम पीएफआई का एक्टिव मेंबर है. पूर्वी चंपारण के चकिया का रहने वाले रियाज कतर की यात्रा कर चुका है. रियाज का नाम पुलिस के 26 संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर में शामिल है. अभी वह जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है.

पुलिस ने अतहर परवेज और अरमान मल्लिक को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था. अतहर परवेज के मोबाइल से नूपुर शर्मा के दिल्ली स्थित घर का एड्रेस मिला है. अतहर ने बताया कि यह एड्रेस ग्रुप में आया था, जिसमें कहा गया कि नूपुर शर्मा के घर पर ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचे. पुलिस को इनके ट्रेनिंग पैटर्न के बारे में पता चला है.

इसमें बताया जाता था कि शरीर के किस नस पर चाकू से वार करने पर व्यक्ति एक मिनट में मर जाता है और किस पर वार करने से 2 मिनट में. कहा जा रहा है कि पीएफआई ने बिहार के 19 जिलों में अपने पांव पसार लिए हैं. अतहर परवेज, मो. जलालुद्दीन और अरमान मलिक ने 9 जुलाई को पटना में नूपुर शर्मा के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शिरकत की थी.

इस बीच एजेंसियों की तरफ से साफ कर दिया गया है कि फुलवारी शरीफ में NIA की टीम पटना पुलिस को जांच में असिस्ट कर रही है. एनआईए ने अभी तक इस केस को आधिकारिक तौर पर अपने हाथ में नहीं लिया है.

मोतिहारी के ढाका में एनआईए की छापेमारी
पटना के फुलवारीशरीफ में पीएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी की कार्रवाई राज्य के दूसरे इलाकों में जारी है. एनआईए की टीम चकिया व अन्य जगहों पर रियाज और सुल्तान उस्मान खान की खोज में छापे मार रही है. मंगलवार को मोतिहारी के ढाका में तीन-चार लोगों को  हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है.

सूत्रों के मुताबिक पीएफआई का कनेक्शन ढाका से होने की सूचना पर एनआईए की ट्राम ने दस्तक दी और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसमें एक शिक्षक भी है, जिससे पूछताछ की गई. ढाका थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने इशारा किया कि एनआईए की टीम ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. हालांकि उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया.

(मोतिहारी से सचिन पांडेय का भी इनपुट्स)

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