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तेजस्वी यादव को सत्ता सौंपने की तैयारी में नीतीश कुमार? बिहार सीएम ने लगाया अफवाहों पर विराम

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर खबरें थीं कि वह यूपी के फूलपुर से 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ सकते है. माना जा रहा था कि इस स्थिति में बिहार सीएम की कुर्सी तेजस्वी यादव को मिल सकती है. लेकिन अब नीतीश कुमार ने खुद इन अफवाहों को विराम लगा दिया है.

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कयास लग रहे थे कि नीतीश कुमार तेजस्वी यादव को बिहार की सत्ता सौंप सकते हैं
कयास लग रहे थे कि नीतीश कुमार तेजस्वी यादव को बिहार की सत्ता सौंप सकते हैं

बिहार सरकार को लेकर चल रहे कयासों पर आज सीएम नीतीश कुमार ने विराम लगा दिया है. नीतीश कुमार ने साफ किया कि वह फूलपुर से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं. बिहार में कयास लग रहे थे कि नीतीश कुमार तेजस्वी यादव को सत्ता सौंपने की तैयारी में हैं. लेकिन अब नीतीश ने खुद इन बातों पर विराम लगा दिया है.

नीतीश कुमार ने आज मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि वह फूलपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने नहीं जा रहे हैं. नीतीश बोले कि उनका मकसद बस विपक्षी दलों को एकजुट करने का है और वह इसी में लगे हुए हैं. नीतीश कुमार ने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी यादव आगे बढ़ें और अन्य नौजवान आगे बढ़ें और खुद के लिए उन्हें कुछ नहीं चाहिए.

क्या है मामला?

खबरें थीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह बिहार के सीएम नीतीश कुमार दिल्ली की मंजिल तक पहुंचने के लिए यूपी का सियासी रूट पकड़ेंगे. ऐसे में यूपी के फूलपुर और मिर्जापुर लोकसभा सीट पर नीतीश कुमार के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज थी. जेडीयू ने भी इस बात को स्वीकार कर लिया था. JDU ने कहा था कि अभी लोकसभा चुनाव दूर है, लेकिन नीतीश को उत्तर प्रदेश में फूलपुर और मिर्जापुर से भी लोकसभा चुनाव लड़ने का निमंत्रण मिला है. लेकिन अब नीतीश ने खुद साफ कर दिया है कि वह वहां से लोकसभा चुनाव लड़ने पर विचार नहीं कर रहे हैं.

जिन दोनों सीटों पर नीतीश के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा थी वे दोनों ही सीटें पूर्वांचल के इलाके की हैं और पीएम मोदी के संसदीय सीट काशी के आसपास हैं. दोनों ही सीटें कुर्मी बहुल मानी जाती है, जो नीतीश के लिए सियासी लिहाज से काफी मुफीद था.

बिहार में बीजेपी को झटका देने वाले नीतीश कुमार बीते कुछ दिनों से मिशन-2024 को लेकर सक्रिय हैं. उनका टारगेट 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बिहार समेत दूसरे राज्यों में भी कम सीटों पर समेटने का है. इसके लिए वह विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों में भी लगे हुए हैं. वह पिछले दिनों दिल्ली भी आए थे. यहां उन्होंने विपक्षी नेताओं से मुलाकात की थी. ताकि 2024 के आम चुनाव में बीजेपी और पीएम मोदी से मुकाबला करने के लिए विपक्षी मोर्चे को एक साथ जोड़ने की संभावना तलाशी जा सके. इसके लिए नीतीश राहुल गांधी से लेकर शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी और ओम प्रकाश चौटाला सहित करीब एक दर्जन विपक्षी नेता से मिले थे.

 

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