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BJP से 'खटपट' के बीच दोबारा JDU के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए नीतीश

नीतीश कुमार इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे और रविवार को आधिकारिक तौर पर नामांकन वापस लेने की अवधि समाप्त होने के बाद अध्यक्ष के रूप में उनका नाम घोषित कर दिया गया.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फाइल फोटो (IANS) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फाइल फोटो (IANS)

  • 4 अक्टूबर को नीतीश ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा था
  • नीतीश को 3 साल की अवधि के लिए अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया है

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक और कार्यकाल के लिए जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया है. उनकी पार्टी ने रविवार को इस बात की जानकारी दी.

जेडीयू के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे और रविवार को आधिकारिक तौर पर नामांकन वापस लेने की अवधि समाप्त होने के बाद अध्यक्ष के रूप में उनका नाम घोषित कर दिया गया. नीतीश कुमार की ओर से पार्टी नेताओं के समूहों ने नामांकन के चार सेट दाखिल किए थे. बता दें, पटना में भीषण बाढ़ के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बचाव कार्यों की निगरानी में व्यस्त हैं.

3 साल अध्यक्ष रहेंगे नीतीश कुमार

अनिल हेगड़े ने कहा, 4 अक्टूबर को नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन भरा था. आज मैं उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करता हूं. उन्हें 3 साल की अवधि के लिए अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया है.

नीतीश कुमार लंबे दिनों से जेडीयू के निर्विवाद नेता के तौर पर जाने जाते हैं. नीतीश कुमार ही आगामी विधानसभा उपचुनावों के दौरान पार्टी का नेतृत्व करेंगे. ऐसे वक्त में जब बीजेपी के साथ गठबंधन कुछ मुश्किल में दिखता जान पड़ रहा है, अगले विधानसभा चुनाव में भी उनकी अगुआई मायने रखती है.

बीजेपी का हल्लाबोल

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित बीजेपी नेताओं का एक बड़ा वर्ग अलग अलग मुद्दों पर नीतीश कुमार के नेतृत्व और गठबंधन पर निशाना साधता रहा है. अभी हालिया मुद्दा पटना में बाढ़ का है जिस पर बीजेपी ने सरकार के खिलाफ खुल कर अपनी बात रखी है. बीजेपी नेता और विधान पार्षद संजय पासवान ने तो यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार को बीजेपी के लिए रास्ता प्रशस्त करना चाहिए.

दबदबे की फिराक में बीजेपी?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केंद्र में एक बड़े जनादेश के साथ बीजेपी की सरकार बनने के बाद पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों पर दबदबा बनाने की कोशिश कर रही है. बिहार की कुल 40 सीटों में 39 पर बीजेपी गठबंधन का कब्जा है जबकि एक सीट आरजेडी-कांग्रेस के खाते में गई थी. हालांकि, जेडीयू का मानना है कि नीतीश कुमार अब तक एनडीए के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं और वे बीजेपी के लिए कोई भी आधार बनने देने को तैयार नहीं हैं.

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