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बिहारः पर्यटन स्थल गया में प्रशासन कोरोना को ऐसे कर रहा कंट्रोल

बिहार में कोरोना पर नियंत्रण का मॉडल बनकर उभरा है. बौद्ध तीर्थ स्थल गया में अभी तक कोरोना के कुल 17 मरीज सामने आए, जिनमें से 8 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (PTI) प्रतीकात्मक तस्वीर (PTI)

  • डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग की

  • बनाए 637 क्वारनटीन सेंटर

देश में कोरोना वायरस के मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. देश में कोरोना पीड़ितों की संख्या सवा लाख के पार पहुंच चुकी है. इस बीच प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला भी नहीं थम रहा. बड़ी तादाद में लौट रहे प्रवासियों के कारण बिहार के क्वारनटीन सेंटर फुल हो गए हैं. सरकार ने अब आदेश दे दिए हैं कि केवल 11 चिह्नित शहरों से लौटने वालों को ही क्वारनटीन सेंटर पर रखा जाएगा. अन्य को होम क्वारनटीन में भेज दिया जाएगा.

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इस बीच गया बिहार में कोरोना पर नियंत्रण का मॉडल बनकर उभरा है. बौद्ध तीर्थ स्थल गया में अभी तक कोरोना के कुल 17 मरीज सामने आए, जिनमें से 8 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं. गया प्रशासन ने अन्य प्रदेशों और शहरों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए 637 क्वारनटीन सेंटर बनाए, जहां 60315 मजदूरों को रखा जा सकता है. 515 क्वारनटीन सेंटर पर कुल 42411 प्रवासियों को रखा गया है.

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प्रशासन ने दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन की मॉनिटरिंग के लिए भी अनोखी तरकीब निकाली. दुकानदार दिशा-निर्देशों का अनुपालन कर रहे हैं कि नहीं, इसकी निगरानी करने के लिए मोबाइल टास्क फोर्स बनाई गई है. उल्लंघन की स्थिति में दुकानकदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं. दुकान ऑड-इवन के आधार पर खोलने को कहा गया है. सभी दुकानदारों को यह आदेश दिया गया है कि वे सामान उन्हीं ग्राहकों को दें, जो मास्क पहनकर आएंगे.

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गया प्रशासन ने शुरुआती दौर में ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी. 29 जनवरी से ही गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई थी. जिले में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग का अभियान चला, जिसके तहत 7.5 लाख परिवारों के 44 लाख से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई. गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज को कोविड-19 स्पेशल हॉस्पिटल बना दिया गया, जहां गया, नवादा, औरंगाबाद,अरवल और जहानाबाद के साथ-साथ रोहतास और कैमूर जिले के मरीजों का भी उपचार किया जा रहा है.

होटल को बनाया आइसोलेशन वार्ड

बोधगया के एक होटल को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. इस होटल में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट करने की व्यवस्था की गई है. लॉकडाउन की घोषणा होने तक प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों लोग आते-जाते रहे, लेकिन सतर्कता के कारण कोरोना की बीमारी यहां पांव नहीं पसार पाई. अब, प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद कोरोना को नियंत्रित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी.

(विमलेंदु चैतन्य के इनपुट के साथ)

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