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लॉकडाउन में राहत, बिहार से बाहर फंसे मजदूरों को नीतीश सरकार देगी 1000 रुपये

लॉकडाउन के बीच बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने फैसला किया है कि वह बिहार के बाहर रह रहे राज्य के मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये डालेगी. देश में यह अपनी तरह की पहली स्कीम है, जिससे राज्य से बाहर फंसे लोगों को आर्थिक मदद दी जा रही है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

  • लॉकडाउन के चलते बिहार से बाहर फंसे हजारों मजदूर
  • नीतीश बिहार से बाहर फंसे मजदूर-गरीबों को देंगे 1000

कोरोना संक्रमण का खतरों से हिंदुस्तान से लेकर दुनिया भर के देश परेशान हैं. भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिसके चलते 14 अप्रैल तक देश पूरी तरह से लॉकडाउन है. ऐसे में बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने फैसला किया है कि वह बिहार के बाहर रह रहे राज्य के मजदूरों के खाते में एक हजार रुपये डालेगी. देश में यह अपनी तरह की पहली स्कीम है, जिससे राज्य से बाहर फंसे लोगों को आर्थिक मदद दी जा रही है.

सीएम नीतीश कुमार ने फैसला किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष, बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के तहत राज्य से बाहर फंसे लोगों को सहायता राशि के रूप में 1000 रुपये दिए जाएंगे. इस राशि को प्राप्त करने के लिए aapda.bih.nic.in से मोबाइल एप को डाउनलोड करना होगा और अपने बारे में सूचना देनी होगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा है कि लॉकडाउन के कारण बिहार के जो लोग अन्य राज्यों में फंसे हैं, उनके द्वारा सरकारी हेल्पलाइन पर मदद मांगी गई. ऐसे में उन सभी से मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा बात कर जानकारी ली गई और वे लोग संकट में हैं. मैंने मुख्यमंत्री राहत कोष से आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से उनकी मदद के लिए 1000 रुपये मुख्यमंत्री विशेष सहायता के रूप में देने का निर्देश दिया है.

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ऐसे मिलेंगे पैसे

दरअसल बिहार के बाहर फंसे मजदूरों के पास लॉकडाउन की वजह से पैसे नहीं हैं. ऐसे में नीतीश कुमार के आदेश पर एक ऐप डिजाइन किया गया है. इस स्कीम के लिए बिहार के बाहर फंसे मजदूर अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर उससे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपना आधार नंबर देना होगा. इसके अलावा में अपनी एक सेल्फी भी डालनी होगी. बिहार में जो उनका पता है वो देना होगा और अकाउंट नंबर की जानकारी देनी होगी. इसके बाद यह प्रोसेस किया जाएगा और सीधे अकाउंट में पैसे पहुंच जाएंगे.

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बिहार सरकार की ओर बताया जा रहा है कि अब तक तीस हजार लोगों ने इस ऐप पर खुद को रजिस्टर कर लिया है. ये संख्या और भी बढ़ेगी और इसके लिए हम तैयार हैं. ये देश में अपनी तरह की यह पहली स्कीम है, जिससे जो राज्य से बाहर हैं उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है.

नीतीश कुमार ने बताया है कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारकों को डीबीटी के माध्यम से सहायता के रूप में 1000 रुपये प्रति परिवार भुगतान की योजना का आगाज भी किया गया है.

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