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बिहार: एक-दो विषयों में फेल छात्रों को ग्रेस मार्क देकर किया जाएगा पास

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बताया है कि कोविड 19 महामारी के कारण यदि दो या तीन महीने के बाद कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का आयोजन किया भी जाता तो इसका परीक्षा फल नवंबर या दिसंबर तक आ पाएगा. इस वजह से उन्हें आगे एडमिशन लेने में दिक्कत आ जाती.

मैट्रिक-इंटर के छात्रों को मिलेगा फायदा (प्रतीकात्मक फोटो) मैट्रिक-इंटर के छात्रों को मिलेगा फायदा (प्रतीकात्मक फोटो)

  • इंटरमीडिएट के 132486 छात्रों को मिलेगा लाभ
  • मैट्रिक परीक्षा में 208147 छात्र हुए हैं फेल

कोरोना महामारी को देखते हुए बिहार सरकार ने मैट्रिक और इंटर के छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. बिहार सरकार ने एक या दो विषयों में फेल छात्रों को ग्रेस नंबर देकर पास करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इस फैसले से लाखों छात्रों को फायदा होगा, जो कुछ नंबर से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पास करने से रह गए थे. वो अब अगले क्लास में बिना कंपार्टमेंट परीक्षा दिए ही एडमिशन ले पाएंगे.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा बिहार सरकार को भेजे गए एक प्रस्ताव के अंतर्गत एक बार के लिए लागू अपवाद (वन टाइम एक्सेप्शन) के तहत कुछ अतिरिक्त ग्रेस अंक देकर इंटरमीडिएट और मैट्रिक की परीक्षा में फेल हुए छात्रों को पास करने का प्रस्ताव भेजा गया था जिसे शिक्षा विभाग ने मंजूरी दे दी है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुसार 2020 इंटर और मैट्रिक परीक्षा में एक या दो विषयों में फेल हुए छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाता लेकिन इन विद्यार्थियों के लिए कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का आयोजन वर्तमान में कोविड-19 महामारी के कारण संभव नहीं लग रहा है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बताया है कि कोविड 19 महामारी के कारण यदि दो या तीन महीने के बाद कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का आयोजन किया भी जाता तो इसका परीक्षा फल नवंबर या दिसंबर तक आ पाएगा, जिसकी वजह से विद्यार्थियों के इस वर्ष की कंपार्टमेंट परीक्षा में उत्तीर्ण होने का कोई लाभ नहीं रह जाता क्योंकि तब तक अधिकांश शिक्षण संस्थानों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है.

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बिहार सरकार के इस फैसले के बाद 2020 में इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 46005 विद्यार्थी एक विषय में और 86481 विद्यार्थी जो दो विषयों में फेल थे, यानी कुल मिलाकर 132486 विद्यार्थी फेल हुए थे. यह सभी विद्यार्थी इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने के पात्र थे.

इंटरमीडिएट के कुल फेल हुए विद्यार्थियों में से 72610 को ग्रेस अंक देकर पास करा दिया गया है.

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इसी प्रकार 2020 में मैट्रिक परीक्षा में कुल 108459 विद्यार्थी एक विषय में और 99688 विद्यार्थी दो विषय में फेल हुए थे, यानी कुल मिलाकर 208147 विद्यार्थी फेल हुए थे जो मैट्रिक कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होने के पात्र थे.

मैट्रिक में कुल फेल हुए छात्रों में से 141677 विद्यार्थियों को अतिरिक्त ग्रेस अंक देकर पास करा दिया गया है.

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शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने कहा है कि बिहार सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के हित में दिया गया है. मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय से हजारों विद्यार्थी लाभान्वित होंगे और कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण उनका एक वर्ष खराब होने से बच जाएगा.

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