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कोरोना लॉकडाउन के बाद कैसा है पटना का हाल, पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट

कोरोना वायरस ने भारत समेत दुनिया के 195 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. विश्वभर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 4 लाख 22 हजार 652 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 18 हजार 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना वायरस के 580 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है.

पटना में पसरा सन्नाटा पटना में पसरा सन्नाटा

  • लॉकडाउन से गरीबों की मुश्किलें बढ़ीं
  • दुकानों और बाजारों में पसरा सन्नाटा
कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा. इस 21 दिन के लॉकडाउन का बिहार की राजधानी पटना में भी पूरा असर देखा जा सकता है. लॉकडाउन के चलते पटना की सड़कें सुनसान पड़ी हैं और पुलिस सख्ती दिखाकर लोगों को घरों में वापस भेज रही है.

फलों की दुकान से लोग नदारद

पटना का सबसे बिजी फल मार्केट इनकम टैक्स चौराहे के पास है. यहां पर एक दर्जन से भी ज्यादा फलों की दुकान हैं, जहां सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जाया करती था. मगर लोग लॉकडाउन की वजह से इस फल मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है. फल खरीदने के लिए इक्का-दुक्का लोग ही आ रहे हैं.

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फलों की दुकान लगाने वालों का कहना है कि लॉकआउट की घोषणा के ठीक बाद काफी संख्या में लोग फलों की खरीदारी करने पहुंचे थे, मगर आज कोई भी नहीं आ रहा है.

गरीबों का हाल हुआ बेहाल

बंगाली नाम का शख्स पिछले कई वर्षों से पटना में रिक्शा चलाकर कमा-खा रहा था, मगर लॉकडाउन की वजह से भूखे मरने की नौबत आ गई है. बंगाली ने कहा कि पहले बिहार सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लॉकडाउन का ऐलान कर दिया, जिसकी वजह से उसके भूखे मरने की नौबत आ गई है.

बंगाली का कहना है कि जब हालात सामान्य थे, तो वह रोजाना का 300 रुपये तक कमा लिया करता था. मगर अब तो 100 रुपये कमाना भी मुश्किल हो गया है. बंगाली रिक्शावाले को रोज अपने रिक्शा के मालिक को 50 रुपये किराया भी देना पड़ता है.

किराना दुकानों पर लोगों की भीड़ कम

लॉकडाउन की घोषणा के बाद रात को पटना के कई सारे किराना दुकानों पर लोगों ने काफी मात्रा में सामान खरीदा, मगर बुधवार को लॉकडाउन के पहले दिन किराना दुकानों पर इक्का-दुक्का ही लोग पहुंचे.

लोगों ने बातचीत में बताया कि उनको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है. इसी वजह से वो खाने-पीने की चीजों को इकट्ठा नहीं कर रहे हैं, बल्कि रोजमर्रा की चीजें ही दुकान पर आकर खरीद रहे हैं.

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लॉकडाउन की वजह से चिंता बढ़ी है. कुछ लोगों का कहना है कि जिस तरीके से नोटबंदी के वक्त लोगों को काफी परेशानी हुई थी, वैसी ही परेशानी अब लॉकडाउन में झेलनी पड़ सकती है.

आपको बता दें कि कोरोना वायरस ने भारत समेत दुनिया के 195 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. विश्वभर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 4 लाख 22 हजार 652 से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 18 हजार 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना वायरस के 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है.

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