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पटना की सड़कों पर चाय बेच रहा ये राष्ट्रीय स्तर का तैराक

राष्ट्रीय स्तर के एक तैराक गोपाल ने अपनी चाय की दुकान का नाम नेशनल तैराक टी स्टॉल रखा है. गोपाल ने बताया कि उन्होंने कई जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन सभी को रिश्वत चाहिए थी, जिसकी वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई.

राष्ट्रीय स्तर के तैराक गोपाल का टी स्टॉल (फोटो-ANI) राष्ट्रीय स्तर के तैराक गोपाल का टी स्टॉल (फोटो-ANI)

  • राष्ट्रीय स्तर तैराक ने खोला टी स्टॉल
  • चाय बेचकर जीवन यापन को मजबूर

बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय स्तर के एक तैराक को घर-परिवार चलाने के लिए चाय बेचनी पड़ रही है. राष्ट्रीय स्तर के कई पदक जीत चुके गोपाल यादव पटना के काजीपुर इलाके में एक छोटी सी दुकान में चाय बेचने को मजबूर हैं.

कई जगह किया आवेदन लेकिन नहीं मिली नौकरी

राष्ट्रीय स्तर के एक तैराक गोपाल ने अपनी चाय की दुकान का नाम नेशनल तैराक टी स्टॉल रखा है. गोपाल ने बताया कि उन्होंने कई जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन किया लेकिन सभी को रिश्वत चाहिए थी, जिसकी वजह से उन्हें नौकरी नहीं मिल पाई.

बेटों ने क्यों छोड़ी तैराकी?

गोपाल के बताया कि उनके बच्चे भी अच्छा तैरना जानते है, लेकिन उन्होंने अपने पिता की स्थिति को देखकर तैराकी छोड़ दी. गोपाल ने कहा कि उन्हें अपने अंदर के तैराक को जिंदा रखा है, इसलिए अब गंगा नदी में तैराकी सिखा रहे हैं.

गोपाल की स्थिति को देखते हुए इस बात का पता चलता है कि देश में एथलिटों की क्या दशा है. एक राष्ट्रीय स्तर के तैराक को सड़क किनारे टी स्टॉल खोलकर चाय बेचनी पड़ रही है.

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