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बिहार में इंसेफेलाइटिस से अब तक 47 बच्चों की मौत, 100 से अधिक एडमिट

बिहार के मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है. सिविल सर्जन डॉ. शैलेष प्रसाद सिंह की माने तो अभी तक 47 बच्चों की मौत हो चुकी है.

सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

बिहार के मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है. सिविल सर्जन डॉ. शैलेष प्रसाद सिंह की माने तो अभी तक 47 बच्चों की मौत हो चुकी है. मौतों का यह आंकड़ा 2 जून के बाद का बताया जा रहा है. फिलहाल 100 से अधिक बच्चे मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं.

भारी संख्या में बच्चों की मौत के पीछे की वजहों को लेकर चिकित्सक एकमत नहीं हैं. कुछ चिकित्सकों का मानना है कि इस साल बिहार में फिलहाल बारिश नहीं हुई है, जिससे बच्चों के बीमार होने की संख्या लगातार बढ़ रही है. वहीं भारी संख्या में बच्चों के बीमार होने के पीछे लीची कनेक्शन को भी देखा जा रहा है. दरअसल, पिछले डेढ़ दशक से इस बात को लेकर भी काफी शोध हुआ है कि मुजफ्फरपुर में पैदा होने वाली लीची की वजह से तो कहीं बच्चों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की शिकायत तो नहीं हो रही है.

श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज के डॉ. गोपाल शंकर साहनी भी इसको लेकर शोध कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने शोध के दौरान पाया है कि इस बीमारी का लीची से कोई लेना देना नहीं है. जबकि, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुनील कुमार शाही का कहना है कि इस बात को लेकर और शोध होना चाहिए कि कहीं लीची की वजह से तो बच्चों में सालाना यह बीमारी नहीं देखी जा रही है.

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