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वापस बिहार लौट सकेंगे दूसरे राज्यों में फंसे छात्र-मजदूर, 19 नोडल अधिकारी नियुक्त

दूसरे राज्यों में फंसे बिहार के लोगों को वापस लाने के लिए बिहार सरकार ने 19 नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया है. सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी दी गई है कि वे मजदूरों की वापसी कराएं.

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बिहार लौट सकेंगे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर और छात्र (तस्वीर-PTI)
बिहार लौट सकेंगे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूर और छात्र (तस्वीर-PTI)

  • बिहार के मजदूर और छात्र लौट सकेंगे अपने घर
  • वापसी कराने के लिए 19 नोडल अधिकारी नियुक्त

लॉकडाउन की घोषणा के बाद देश के अलग-अलग राज्यों में बिहार के लोग फंसे हुए हैं. बिहार के प्रवासी मजदूर और छात्रों की वापसी के लिए 19 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति हुई है. सभी नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे राज्यों में फंसे हुए लोगों की सूची तैयार करें और उनकी वापसी के लिए रास्ता निकालें.

मजदूरों और छात्रों की प्रदेश वापसी के लिए विपक्ष नीतीश कुमार सरकार पर लगातार हमलावर है. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव कई बार आरोप लगा चुके हैं कि बिहारियों को वापस राज्य लाने के लिए मंशा नीतीश कुमार सरकार की नहीं है. नीतीश कुमार सरकार पर विपक्ष का भारी दबाव था. केंद्र से ढील मिलने के बाद बिहार सरकार ने मजदूरों को वापस लाने का फैसला किया है.

बिहार में 4 नए संक्रमण के केस सामने आने के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 407 हो गई है. लॉकडाउन के बावजूद संक्रमण बढ़ रहा है. इससे पहले जब गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे हुए मजदूरों-छात्रों के लिए नई गाइडलाइन जारी की तब नीतीश कुमार ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया था. नई गाइडलाइन के तहत फंसे हुए लोग अपने घर जा सकेंगे.

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बिहार के पास संसाधन नहीं!

बुधवार को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने साफ कहा था कि कि सरकार के पास इतना संसाधन नहीं है कि वह देश के विभिन्न राज्यों में बस भेजकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस बुला सके. सुशील मोदी ने कहा कि सरकार ने रेल चलाने की तो इजाजत नहीं दी है, ऐसे में सभी को बसों से ही वापस आना होगा. हमारे पास कहां इतनी बसें हैं, क्योंकि विभिन्न राज्यों से लोगों को वापस आना है.

तेजस्वी ने फिर की आलोचना

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार बिहार सरकार को घेर रहे हैं. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 'अगर यूपी सरकार महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान,एमपी, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में फँसे अपने राज्यवासियों को बसों द्वारा वापस बुला सकती है तो बिहार सरकार क्यों नहीं? जनादेश की डकैती कर बनी डबल इंजन सरकार क्या गरीबों के लिए इतना भी नहीं कर सकती. मुख्यमंत्री स्वयं जवाब दें.

नितीश ने मुख्यमंत्रियों की बैठक में उठाया था मुद्दा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को केंद्र के जरिए दी गई छूट का स्वागत किया था. 27 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में नीतीश कुमार ने यह मुद्दा भी उठाया था.

लौट सकेंगे राज्यों में फंसे हुए मजदूर

केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और छात्रों की आवाजाही के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है. नई गाइडलाइन के तहत फंसे हुए लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जा सकेगा. नई गाइडलाइन के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करने और ऐसे फंसे हुए व्यक्तियों को वापस भेजने और लेने के लिए एक एसओपी की तैनाती करनी होगी.

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नई गाइडलाइन के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के इच्छुक लोगों के लिए राज्यों को आपस में बात करनी होगी. अब सभी नोडल अधिकारी संबंधित राज्यों के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे, जिससे मजदूरों की वापसी की राह आसान हो सके.

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